प्रशासन और पुलिस केवल मात्र अवैध पार्किंग को हटाने में व्यस्त: सत्ती

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सत्ती ने जिला में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जाहिर की

ऊना/ सुशील पंडित: ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने जिला में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जिला में एक के बाद एक गोलीकांड सामने आ रहे हैं। युवाओं को गलत रास्ता दिखाकर मौत के मुंह में धकेला गया, जेलों में बंद होने को मजबूर किया गया, जिंदगी और मौत के बीच झूलने पर विवश किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चे इस तरह के गोलीकांड में खो दिए उन परिवारों से जाकर पूछना चाहिए कि इस वक्त उन पर क्या बीत रही है। जिनके बच्चे इस प्रकार की घटनाओं के कारण सलाखों के पीछे चले गए उन परिवारों से जाकर पूछना चाहिए कि उनका क्या हाल है। उन्होंने कहा कि इस मामले को उन्होंने विधानसभा में भी लगातार हर सत्र में उठाया।

विधायक ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को भी वे 3 साल से सचेत करते आ रहे थे। जब संतोषगढ़ में पुलिस कर्मचारियों को बंधक बनाया गया, जब जिला मुख्यालय के पास बसाल में दिनदहाड़े ऊना के युवक की गोलियां मारकर हत्या की गई, जब युवक का अपहरण किया गया उसे अधमरा करके फेंका गया, जब लगातार अवैध खनन होता रहा तब भी प्रशासन आंखें मूंद कर बैठा रहा। इतना सब होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने भी अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने वाले सीआईए स्टाफ को स्थानीय कांग्रेस नेता की कठपुतली के रूप में काम करते हुए भंग कर दिया। लेकिन इन सभी परिस्थितियों को जन्म देने वाले कांग्रेस नेता के होटल में जब गैंगवार शुरू हो गया तब जाकर प्रशासन की आंख खुली। यदि प्रशासन को सचेत करने के समय ही इन सभी चीजों पर काबू पा लिया होता तो आज यह दिन देखना नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि अब नैतिकता की दुहाई देकर अपने आप को पवित्र साबित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन केवल मात्र ऊना विधानसभा क्षेत्र ही नहीं बल्कि प्रदेश का बच्चा-बच्चा जान चुका है कि माफिया को संरक्षण देने वाला और लोगों के बच्चों को गलत रास्ते पर धकेलना वाला कौन सा नेता है।

अब इन तमाम चीजों के बावजूद केवल मात्र अपनी राजनीतिक जमीन बचाने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि प्रदेश की सरकार इस वक्त भी कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में न तो रुचि ले रही है और न ही कोई ठोस कदम उठा रही है। विधायक ने कहा कि जिला मुख्यालय पर कांग्रेस नेता के होटल के बाहर हुआ गोलीकांड इस वक्त पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन प्रशासन और पुलिस केवल मात्र अवैध पार्किंग को हटाने में व्यस्त है। इस मामले पर कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन और पुलिस निया ने आदेश जारी करके लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। यह केवल और केवल मात्र सरकार और स्थानीय कांग्रेस नेताओं के इशारे पर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला की कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। जिला में विशेष कर उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो चुका है। लेकिन प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन लोगों को सुरक्षा मुहैया करवाने की बजाय नित नए आदेश जारी करके उनको प्रताड़ित करने या चालान के माध्यम से लूटने की योजना बना रहे हैं।

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