Punjab News: कांग्रेस की लड़ाई, कचहरी तक आई, सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष मिट्ठू मैदान को भेजा कानूनी नोटिस

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अमृतसरः कांग्रेस की लड़ाई अब कचहरी तक पहुंच गई है। जहां बीते दिन सासंद सुखजिंदर रंधावा ने नवजोत कौर को कानूनी नोटिस भेजा था। वहीं अब अपने ऊपर लगे पैसों को आरोपों को लेकर नवजोत कौर ने अमृतसर से कांग्रेस के जिला अध्यक्षा मिट्ठू मैदान को कानूनी नोटिस भेज दिया। यही नहीं दूसरी ओर पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी ने डा. नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा कि पार्टी में पैसे देकर आने के उनके दावे पूरी तरह निराधार हैं। जोशी ने बताया कि वकील की सलाह लेकर डा. सिद्धू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

हाल ही डॉ. नवजोत कौर के 500 करोड़ अटैची वाले बयान के बाद सियासी भूचाल आ गया है। हालांकि पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया है, लेकिन आरोपों का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं अब नवजोत कौर पर भी रुपये लेने का बड़ा आरोप लगा है। अमृतसर से कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं पार्षद सौरव मिट्ठू मदान ने नवजोत कौर सिद्धू और उनके पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 में मैडम सिद्धू ने टिकट के बदले कई पार्षदों से 20-25 लाख रुपये लिए थे।

मिट्ठू ने दावा किया कि उनके पास इसके ठोस सबूत हैं और जल्द ही पूरी लिस्ट जारी करेंगे। वहीं इस मामले को करे नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष मिट्ठू मैदान को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस मिट्‌ठू मैदान द्वारा उनके खिलाफ हाल ही में की गई बयानबाजी के कारण भेजा गया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बयानबाजी के लिए मिट्ठू मैदान बिना शर्त माफी नहीं मांगते हैं, तो डॉ. सिद्धू कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगी।

नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि एक हफ्ते के अंदर माफी नहीं मांगी गई, तो वे हानि और नुकसान के दावे के साथ मुकदमा दायर करेंगी। इस नोटिस को राजनीतिक गलियारों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह मामले की गंभीरता को दर्शाता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नोटिस भेजने का उद्देश्य विवाद को बढ़ने से रोकना और जिम्मेदार पक्ष को कार्रवाई के लिए बाध्य करना होता है।

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपने नोटिस में कहा है कि उनके खिलाफ की गई बयानबाजी न केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंचाती है, बल्कि उनके राजनीतिक करियर और जनता के बीच उनकी छवि को भी प्रभावित करती है। इस मामले ने कांग्रेस पार्टी के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चाओं को फिर से गर्मा दिया है। अब यह देखने वाली बात होगी कि मिट्ठू मैदान नोटिस का जवाब देते हैं या नहीं और इस विवाद का अगला पड़ाव क्या होगा।

 

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