डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से मरीज परेशान, 25 डॉक्टरों को शोकॉज नोटिस जारी

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हिसारः हरियाणा में सरकारी अस्पतालों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) और सरकार के बीच मतभेद सुलझने की बजाय और तीखे हो गए हैं। वहीं हिसार में डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान हो रहे हैं। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) ने हड़ताल को अनिश्चिकालीन घोषित कर दिया है। इससे आज (बुधवार) से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। एक्स-रे से लेकर सिजेरियन तक और एक ही डॉक्टर से इलाज करवा रहे मरीजों को दिक्कत हो रही है।

बीते दिन के कारण पानीपत, जींद, हिसार, कैथल, यमुनानगर, फतेहाबाद, झज्जर और दादरी समेत कई जिलों में मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पाईं। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है, जिसके लागू होने के बाद अगले छह महीनों तक हड़ताल पर कानूनी रोक रहेगी। जिसके बाद आज हिसार सिविल अस्पताल प्रशासन ने प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 25 डॉक्टरों को शोकॉज नोटिस भेजा है।

मगर अभी तक एक भी डॉक्टर वापस नहीं आया है। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से 20 डॉक्टरों को बुलाया है। मगर 128 डॉक्टरों के छुट्‌टी पर जाने से हालात बिगड़ रहे हैं। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से हिसार के अलावा सिरसा और फतेहाबाद भी डॉक्टर भेजे गए हैं। दरअसल, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) और राज्य सरकार के बीच कई दौर की वार्ता के बाद भी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है।

एसोसिएशन को अधिकारियों के भरोसे पर यकीन नहीं है। राज्य के डॉक्टर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एसएमओ) की सीधी भर्ती रोकने की मांग कर रहे हैं। पूर्व में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज इसकी मंजूरी दे चुके थे, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में इसे लागू नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और स्वास्थ्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ हुई बैठकों में सीधे एसएमओ की भर्ती नहीं किए जाने पर सहमति बन चुकी है, लेकिन एश्योर्ड करियर प्रमोशन (एसीपी) पर पेंच फंसा हुआ है।

 

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