किसानों का फैक्ट्री हटाओ आंदोलन! इंटरनेट-बाजार बंद, पुलिस तैनात, देखें वीडियो

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हनुमानगढ़ः राजस्थान के टिब्बी राठी खेड़ा गांव में निर्माणाधीन इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ प्रस्तावित महा पंचायत को लेकर समर्थन में “सयुक्त किसान मोर्चा” की महापंचायत हुई। इस मामले माहौल तनावपूर्ण ना हो, इसको लेकर आज कस्बे के बाज़ार बंद किए, वहीं कल से इंटरनेट सेवाएं भी बंद है। दरअसल, फैक्ट्री हटाओ, क्षेत्र बचाओ, संघर्ष समिति के आह्वान पर महा पंचायत का ऐलान किया गया, जिसको लेकर एसडीएम कार्यालय के पास सभा स्थल और श्री गुरुद्वारा सिंह सभा में लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। वहीं राठी खेड़ा गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री की दीवार को बुधवार को किसानों ने ट्रैक्टरों से तोड़ दिया। पुलिस ने रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन भारी भीड़ को देखते हुए पीछे हटना पड़ा। इसके बाद ट्रैक्टरों से दीवारें गिरा दी। इस दौरान कई वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी भी की गई। मौके पर अभी भारी भीड़ और पुलिस बल तैनात है। शाम 4 बजे किसानों ने फैक्ट्री की दीवारें तोड़ने के लिए फैक्ट्री की ओर कूच कर दिया। इससे सभास्थल पर एकाएक ही अफरातफरी मच गई। लोग पैदल ही मुख्य सड़क से फैक्ट्री की ओर जाने लगे। पुलिस खेतों के रास्ते से निर्माणस्थल की ओर जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किसान ट्रैक्टर आदि से फैक्ट्री की चारदीवारी को हटाने में लगे हैं। वहीं, फैक्ट्री के बाहर तैनात पुलिस बल ने लोगों को रोकने का प्रयास करते नजर आए। कांग्रेस और माकपा सहित कई विपक्षी दलों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार शाम से टिब्बे कस्बे और आसपास के गांवों में इंटरनेट सेवाएं बंद है। इसके साथ स्कूल और दुकानें भी बंद हैं। इस सभा में श्रीगंगानगर सांसद कुलदीप इंदौरा, संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनियां, भादरा के पूर्व विधायक बलवान पूनियां, कांग्रेस नेता शबनम गोदारा, माकपा नेता मंगेज चौधरी सहित हरियाणा और पंजाब के किसान संगठनों के कई नेता शामिल हुए हैं। वहीं मंच से बोलते हुए किसान नेता रवि जोसन ने कहा कि एथेनॉल प्लांट हटाने की इस लड़ाई में हर ग्रामीण शामिल है। उन्होंने कहा कि वे इस प्लांट को यहां नहीं लगने देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए। किसानों ने फैक्ट्री को ‘जहरीला बताते हुए कहा कि इलाके की हवा, पानी और जमीन को प्रदूषित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने एकजुटता से इस लड़ाई को जीतने का संकल्प लिया। अन्य वक्ताओं ने भी एथेनॉल प्लांट के विरोध में भारी आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर एक पूंजीपति के इशारे पर इलाके के पर्यावरण को प्रदूषित करने का आरोप लगाया। प्रवक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब इलाके के लोग प्लांट नहीं चाहते, तो जबरदस्ती क्यों की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि एथेनॉल प्लांट किसी भी कीमत पर नहीं लगने दिया जाएगा।

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