Haryana News: पुलिस ने नष्ट किए 2.01 करोड़ के नशीले पदार्थ, देखें वीडियो

पंचकूला: हरियाणा को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस ने मुहिम चलाई है। इस मुहिम के अंतर्गत 10 दिसंबर को दवाईओं की तस्करी और गलत इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई की। कार्रवाई के अंतर्गत 2.01 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों को विधिवत तरीके से नष्ट किया गया।

पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज की निगरानी में जब्त किए गए सभी नशीले पदार्थों को बागवाला स्थित हाईजीन फैक्ट्री में उच्च तापमान वाली भट्टी में किया गया ताकि नशीली सामग्री पूरी तरह ने नष्ट हो जाए।

इस प्रक्रिया के दौरान डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता, एसीपी अजीत सिंह, रायपुर रानी एसएचओ प्रीतम सिंह, चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर रामकरण सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और संबंधित तकनीक स्टाफ भी मौजूद रहा।

इन सभी नष्टकरण प्रक्रिया के हर चरण की अच्छे से निगरानी की। पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता वाली नशीले पदार्थों के निपटाने के लिए समिति ने उन सभी केस प्रॉपर्टीज को नष्ट करने की अनुमति दी जिनके लिए संबंधित अदालतों ने आधिकारिक मंजूरी प्राप्त की थी।

नष्ट की गई सामग्री में 6.6 किलोग्राम गांजा, 610 ग्राम अफीम, 1.2 किलोग्राम चरस, 20.7 किलो चूरा पोस्त, 237 ग्राम हेरोइन और 50,642 नशीली गोलियां और कैप्सूल शामिल थे। इन सभी चीजों को पंचकूला पुलिस ने अलग-अलग 31 मामलों में जब्त किया था। इनका कुल मिलाकर बाजार मूल्य 2,01,07,770 रुपये आंका गया है।

कमिश्नर शिवास कविराज ने इस अभियान को मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में एक सशक्त और जरुरी कदम बताया। उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस समाज को नशे के खतरे से बचाने के लिए भविष्य में भी ऐसे ही कार्रवाई करती रहेगी।

इस दौरान डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बागवाला क्षेत्र के ग्रामीण लोगों से मुलाकात भी की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर नशे की गतिविधियों, युवाओं में फैल रही लत, अवैध नेटवर्क की संभावित सक्रियता और उससे निपटने के उपायों पर विस्तार के साथ चर्चा की।

इसके साथ ही ग्रामीणों को जागरुक और सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया। डीसीपी ने लोगों से यह अपील की कि यदि कहीं भी नशा तस्करी, अवैध बिक्री, पेडलर नेटवर्क या किसी व्यक्ति के द्वारा दुरुपयोग की जानकारी मिले तो तुरंत मानस हेल्पलाइन 1933 और पंचकूला पुलिस के ड्रग इंफो हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।

उन्होंने परिवारों को यह मैसेज भी दिया है कि यदि उनका कोई प्रियजन नशे की लत से जूझ रहा है तो शर्म या डर के कारण समस्या को छिपाने की जगह आगे आकर मदद ले क्योंकि नशा और हिंसा मुक्त मेरा गांव मेरी शान अभियान के अंतर्गत पंचकूला पुलिस उपचार, परामर्श, पुनर्वास और सामाजिक समर्थन की सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी ताकि प्रभावित व्यक्ति को नए जीवन का रास्ता दिखाए जा पाए।

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