वेनेजुएला और अमेरिका में तनाव बढ़ा, मदद के लिए आगे आए रूसी राष्ट्रपति Putin

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मॉस्को: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला का तेल टैंकर युक्त जहाज जब्त किए जाने के बाद से दोनों देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने 2 दिन पहले कैरेबियन सागर में वेनेजुएला की जहाज पर कमांडो कार्रवाई को अंजाम देकर अपने कब्जे में ले लिया था।

ट्रंप ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया था। वहीं वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन और अमेरिका की डकैती करार दिया था। ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव पहले से कई गुना बढ़ गया है। इस बीच मादुरो की मदद करने रूस के राष्ट्रपति पुतिन की एंट्री हो चुकी है। पुतिन का यह कदम अमेरिका में खलबली की वजह बन सकता है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की। क्रेमलिन ने बयान में कहा कि पुतिन ने मादुरो के साथ फोन पर बात की और वेनेजुएला के नेता की नीति का समर्थन दोहराया जो बढ़ते बाहरी दबाव के सामने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा करती है।

मादुरो पर अमेरिका में नार्को-आतंकवाद के आरोप लगे हैं। वीरवार को कांग्रेस के समक्ष गवाही के दौरान होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने जहाज की जब्ती को क्षेत्र में ट्रम्प प्रशासन के नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान से जोड़ा। अमेरिका ने दशकों में क्षेत्र में अपनी सबसे बड़ी सैन्य उपस्थिति बढ़ाई है और कथित ड्रग तस्करी वाली नावों पर घातक हमले किए हैं।

मादुरो ने जोर दिया है कि अमेरिकी सैन्य अभियानों का असली उद्देश्य उन्हें पद से हटाना है। वेनेजुएला सरकार ने टैंकर जब्ती को “खुली चोरी और अंतरराष्ट्रीय समुद्री डकैती का कार्य बताया। पुतिन ने मादुरो को बताया कि मॉस्को और काराकास के बीच प्रत्यक्ष संचार हमेशा खुला रहेगा और रूस वेनेजुएला का समर्थन जारी रखेगा।

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