व्यवस्था परिवर्तन का मतलब ठेकेदार ट्रांसफर पॉलिसी नहीं : जयराम ठाकुर

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पेखुबेला पार्ट 02 की कोशिश में सरकार, सहयोग ने करने पर अधिकारी को सबक सिखाते ठेकेदार

ऊना/शिमला/सुशील पंडित: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में ऐसा लग रहा है कि पेखु बेला पार्ट 2 की तैयारी चल रही है। अब सरकार के फैसले, लोक सेवकों के स्थानांतरण प्रदेशवासियों के हितों को ध्यान में रख कर लेने की बजाय ठेकेदारों की सहूलियत के हिसाब से लिए जा रहे हैं। प्रदेश में ठेकेदार सपोर्ट ट्रांसफर पॉलिसी चल रही है। सुखद बात यह है कि सरकार की इस मनमानी पर माननीय हाई कोर्ट ने रोक लगाई और सरकार के व्यवस्था परिवर्तन को आईना दिखाए।

व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर व्यवस्था पतन की यह दास्तान देखने में जितनी रोचक है इसके तार उतने गहरी ही जुड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। जिस तरह से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सुक्खू सरकार के भ्रष्टाचार का प्रतीक बनी पेखुबेला की परियोजना प्रदेश के एक चीफ इंजीनियर के स्तर के अधिकारी की मौत की वजह बनी इसी तरह से धर्मशाला के एक परियोजना अधिकारी द्वारा सोलर प्रोजेक्ट के मामले में ठेकेदार से सख्ती दिखाने पर सरकार द्वारा ठेकेदार पर कार्रवाई करने की बजाय अधिकारी का ही चंबा तबादला कर दिया गया। ठेकेदारों और भ्रष्टाचार का समर्थन कर रही सरकार  ठेकेदारों के मन माफिक काम न करने वाले अधिकारियों को प्रताड़ित करती है।

जयराम ठाकुर ने कहा इस मामले में भले ही हाई कोर्ट ने अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुख की सरकार के स्थानान्तरण फैसले को रद्द कर दिया हो लेकिन समय पर प्रोजेक्ट पूरा न कर रहे ठेकेदार को एक नोटिस देना किसी भी अधिकारी को कितना भारी हो सकता है यह मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को बता दिया है। कार्य समय से पूरा नहीं होता है तो अधिकारी नोटिस देते हैं बदले में ठेकेदार को काम समय से पूरा करना होता है और उस पर पेनल्टी लगाई जाती है, यह व्यवस्था की बात है।

लेकिन व्यवस्था परिवर्तन में यदि परियोजना से जुड़े अधिकारी ठेकेदार को काम सही से और समय से करने को कहें तो ठेकेदार मुख्यमंत्री को सीधे पत्र लिखकर कहता है कि इस अधिकारी को सबक सिखाओ और अगले दिन अधिकारी को दूर दराज के जिलों में भेज कर सबक सिखा दिया जाता है। मैं पहले भी यह कह चुका हूं और आज भी कह रहा हूं कि प्रदेश को ऐसा व्यवस्था परिवर्तन नहीं चाहिए जो भ्रष्टाचार को न सिर्फ जन्म देती हो बल्कि उसका पालन पोषण और संरक्षण करती हो। यह घटना एसपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर विमल नेगी के मौत के समय के परिस्थितियों जैसी ही है। जहां ठेकेदार को सरकार संरक्षण दे रही थी और अधिकारियों पर गलत तरीके से ठेकेदारों को भुगतान करने का दबाव बना रही थी।

जय राम ठाकुर ने कहा कि सुविधा शुल्क, सहूलियत के अधिकारी और मित्र मंडली की वजह से इस सरकार में ठेकेदारों का भी दो समूह बन गया है। समूह जो पूर्व में किए गए भुगतान के लिए प्रदर्शन करने अधिकारियों के चक्कर लगाने उनके सामने गिड़गिड़ा ने नेताओं से सिफारिश कर रहा है और दूसरा समूह मन माफिक सहयोग न मिलने पर रातों-रात अधिकारियों को इस जगह से उसे जगह फेंकवाने का काम कर रहा है।

आखिर ऐसे ठेकेदारों को कौन सी शक्तियां हासिल है? बिना राजनीतिक सुचिता और नैतिकता के यह सरकार चल रही है जहां भ्रष्टाचारी फल फूल रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को जेल में भेजने के लिए सारा तंत्र सिर के बल खड़ा है।

केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार के प्रतिनिधियों ने जयराम ठाकुर से मिल सौंपा ज्ञापन

केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार का प्रतिनिधि मंडल हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिए जाने के विषय में माननीय उच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई में हो रही देरी को लेकर केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार का प्रतिनिधिमंडल अमीचंद कमल के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से मिला। समिति ने हाथियों को जनजातीय दर्जा दिलाने के लिए किए गए प्रयास के लिए उनका आभार जताया और साथ ही इस पूरे प्रकरण के न्यायालय में जाने की वजह से हाटी समुदाय को हो रहे नुकसान के बारे में अवगत कराया।

प्रतिनिधि मंडल ने अपनी समस्याओं से अवगत करवाते हुए नेता प्रतिपक्ष से मांग की कि इस मुद्दे को वह केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह  के समक्ष उठाएं। जिससे इस मामले में उपयुक्त पैरवी के साथ-साथ हाटियों की समस्या का समाधान हो सके। क्योंकि 2 लाख से ज्यादा की आबादी इस केस की वजह से प्रभावित हो रही है और संवैधानिक संशोधन द्वारा केंद्र सरकार द्वारा दिए गए इस अधिकार का लाभ वर्षों से उपेक्षित हाटी समुदाय को नहीं मिल पा रहा है। जयराम ठाकुर ने उनके मुद्दों को गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष रखने काभरोसा दिया। प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष के साथ केंद्रीय समितिके पदाधिकारी सुरेंद्र हिंदुस्तानी, ओपी चौहान, शिवानंद, रमेश सिंगटा, विजय पुंढीर, समेत दर्जनों पदाधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बीवी- जी राम जी विधेयक के पारित होने का जय राम ठाकुर ने किया स्वागत

शिमला।  पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने लोकसभा और राज्यसभा से बीवी जी राम जी विधेयक के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश और समाज के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। यह विधेयक सुशासन को मजबूत करने, व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून से विकास की गति को नई दिशा मिलेगी और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा।

नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार और संसद के दोनों सदनों के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस विधेयक का पारित होना लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि बीवी जी राम जी कानून का प्रभावी क्रियान्वयन देश की प्रगति में मील का पत्थर सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनहित के मुद्दों पर सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी राष्ट्रहित में ऐसे निर्णायक कदमों का समर्थन करती रहेगी।

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