Airport पर पायलट ने यात्री को पीटा, हुआ सस्पेंड, देखें वीडियो

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नई दिल्लीः इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर एक यात्री के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर एक छोटी सी बात इतनी बड़ी हो गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। एक यात्री का आरोप है कि एयर इंडिया एक्सप्रेस के ऑफ-ड्यूटी पायलट ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनका चेहरा खून से लथपथ हो गया। पीड़ित का दावा है कि घटना के दौरान वह परिवार और 7 साल की बच्ची के साथ छुट्टियां मनाने जा रहे थे। छोटी बच्ची के स्ट्रॉलर की वजह से एयरपोर्ट स्टाफ ने उन्हें स्टाफ वाली स्पेशल सिक्योरिटी लाइन इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी। अंकित ने सोशल मीडिया पर बताया कि लाइन में कुछ स्टाफ मेंबर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। जब उन्होंने टोका, तो एयर इंडिया एक्सप्रेस के कैप्टन वीरेंद्र सेजवाल (जो उस दिन ऑफ-ड्यूटी थे और इंडिगो की फ्लाइट से बेंगलुरु जा रहे थे) ने नाराजगी जताई। बात बढ़ी और पायलट ने कथित तौर पर अंकित पर हाथ उठा दिया। इस दौरान पायलट ने उसके साथ मारपीट की। जिसके बाद पीड़ित ने इस घटना के बाद यात्री ने सोशल मीडिया पर अपने साथ हुए हादसे की जानकारी शेयर की। साथ ही पायलट के कपड़ों और अपने चोटिल चेहरे की तस्वीर भी पोस्ट की। मामला सामने आने के बाद एअर इंडिया एक्सप्रेस ने पायलट पर सख्त एक्शन लिया है। दरअसल, दिल्ली के उक्त एयरपोर्ट पर शुक्रवार को ऑफ-ड्यूटी पायलट ने एक यात्री से मारपीट की। घटना के सामने आते ही एअर इंडिया एक्सप्रेस ने पायलट कैप्टन वीरेंद्र सेजवाल को सस्पेंड कर दिया है। एयरलाइन ने एक बयान में कहा है कि पायलट ड्यूटी पर नहीं था। वह दूसरी फ्लाइट का पैसेंजर था। हमने उसे हटा दिया है, जांच पूरी होने पर कार्रवाई होगी। घटना के बाद यात्री अंकित दीवान ने एक पोस्ट लिखा। इसमें कहा कि मुझ पर मामला खत्म करने का दबाव बनाया गया। जबरदस्ती लेटर लिखवाया। अगर मैं ऐसा नहीं करता तो मुझे फ्लाइट छोड़नी पड़ती। अंकित ने ये भी बताया कि मेरी 7 साल की बेटी ने अपने पिता को पिटते और मेरे खून से सने चेहरे को देखा। इसके बाद से वह सदमे में है। पैसेंजर ने शनिवार को एक और पोस्ट में पायलट का वीडियो शेयर किया है। उसकी छुट्टियां खराब हो गईं, और उन्हें डॉक्टर के पास जाना पड़ा। बेटी सदमे में है। एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें बेटी के रोने की आवाज है। एयरलाइन को ऐसे पायलटों को उड़ान भरने की इजाजत दी जानी चाहिए। दिल्ली एयरपोर्ट पर स्टाफ एंट्री को बच्चों वाले यात्रियों के साथ मिला देना सुरक्षा से भी समझौता है। लेटर लिखने मजबूर किया गया, जिसमें लिखा था कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे। पत्नी फर्स्ट एड के लिए रिक्वेस्ट करती रही। प्रॉपर फर्स्ट एड 45 मिनट बाद मिल सका। दिल्ली पुलिस ने भी शिकायत दर्ज नहीं की, वापस आने पर करेगी, इसकी गारंटी नहीं।  

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