डॉ. धनी राम शांडिल की अगुवाई में HPMFDC ने 54वीं बैठक की

शिमला: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आज यहां हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम की 54वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में निदेशक मंडल ने हिमाचल प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न पहल, योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि निगम द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय तथा दिवयांगजन को पर्यटन, कृषि, पारम्परिक व्यवसाय, तकनीकी और छोटे व्यवसाय सहित अन्य व्यवसायों की स्थापना अथवा विस्तारीकरण के लिए 30 लाख रुपये तक का टर्न लोन और विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। इसी प्रकार 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण तथा स्वयं सहायता समूहों को उपकरण खरीद सहित अन्य जरूरतों के लिए भी ऋण सुविधा प्रदान की जाती है।

डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग के उत्थान और लाभार्थ संचालित सभी योजनाओं को संभावित लाभार्थियों तक पहुंचाने के प्रयासों के तहत प्रदेश भर में जागरुकता अभियान चलाए जाते हैं। इनके माध्यम से उन्हें योजनाओं के प्रति सूचित और शिक्षित किया जाता है। इस वर्ष कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चम्बा तथा शिमला जिला के विभिन्न स्थानों में समय-समय पर जागरुकता शिविर आयोजित किए गए हैं जिनमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया तथा इन शिविरों की ओर रुझान और प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही। उन्होंने कहा कि आगामी समय में कांगड़ा, कुल्लू, सिरमौर, शिमला, ऊना और मंडी ज़िला में भी जागरुकता शिविर प्रस्तावित हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अधिकतम लोगों तक निगम की पहलों का लाभ सुनिश्चित करने के लिए गहरा सामुदायिक जुड़ाव आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा सरकार के प्रयासों से अल्पसंख्यक संगठनों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गत तीन वर्षों में लगभग 1000 से अधिक अल्पसंख्यक लाभार्थियों को लगभग 70 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं। वर्तमान सरकार के गठन के समय ऋण की रिकवरी दर 80 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता को निगम के निदेशक के रूप में नियुक्त करने और ऑडिटिड बैलेंस शीट को स्वीकृति देने जैसे विभिन्न एजेंडों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी गई। इस अवसर पर निगम के प्रबन्ध निदेशक मनोज कुमार, निदेशक ईसोमसा सुमित खिमटा, विशेष सचिव वित्त विजय वर्धन, निदेशक मंडल के अन्य सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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