Jalandhar News: रूस में भारतीयों के शव बरामद, कांग्रेस विधायक और जगदीप का आया बयान, देखें वीडियो

जालंधर, ENS: एक ओर जहां अमेरिका के राष्ट्रपति बनते ही डोनल्ड ट्रंप ने भारतीय नागरिकों के लिए कड़े आदेश जारी कर उन्हें डिपोर्ट करके वापिस भारत भेजा है तो वहीं अब रूस और यूक्रेन में चल रही जंग लगातार जारी है। जालंधर के पीड़ित जगदीप सहित 13 परिवारों के सदस्य अभी तक रूस में फंसे हुए है। हाल ही में यूक्रेन ने सरकार और परिजनों को डीएनए टेस्ट के लिए पत्र जारी किया था। वहीं अब कांग्रेस विधायक और रूस आर्मी में फंसे मनदीप कुमार के भाई जगदीप कुमार ने रूस में कुछ भारतीयों के शव मिलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जो डीएनए टेस्ट रशिया सरकार ने भारत सरकार से मांगे हैं वह शायद इसी के कारण ही मांगे गए है।

जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक प्रगट सिंह ने कहा कि रूस में फंसे मनदीप के भाई जगदीप कुमार ने आज उनसे मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि जगदीप को जो भी आर्थिक या फाइनेंशियल मदद होगी वह उसे करेंगे। अमेरिका सरकार द्वारा भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किए जाने को लेकर परगट सिंह ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार को अमेरिका से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार को डिपोर्ट हुए यात्रियों की मदद करनी चाहिए। केद्र और पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए खेती के मुद्दे को लेकर कहा कि आज उसमें जो बाते की गई थी, हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। हमारी सरकारे अधिकतर सोशल मीडिया पर बाते करती है। हमें एजुकेशन सहित कई मामले में सुधार लाने की जरूरत है।

जगदीप ने कांग्रेस विधायक परगट सिंह के मुलाकात की। इस दौरान जगदीप ने कहा कि वह रूस से भाई को वापिस भारत लाने से आर्थिक मदद के लिए मिला था। जहां परगट सिंह ने 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की और कहा प्रशासन द्वारा भी जो सहायता होगी उसे करवाएंगे। सासंद संत सीचेंवाल से मुलाकात को लेकर जगदीप ने कहा कि वह उनके पास केंद्र तक अपनी आवाज को पहुंचाने के लिए गए थे। दरअसल, रूस की आर्मी में फंसे भाई को छुड़वाने के लिए संत सींचेवाल के जरिए आगे का रास्ता मिला। उन्हें पता चला था कि विदेशों में फंसे कई लोगों को संत सींचेवाल द्वारा छुड़वाकर भारत लाया जा चुका है।

इस दौरान संत सींचेवाल को पत्र दिए थे ताकि वह उनके पत्र विदेश मंत्रालय के पास रखे और भाई को जल्द वापिस लाया जाए, लेकिन एक वर्ष का समय हो गया है, अभी तक भाई रूस में फंसा हुआ है। वहीं रूस द्वारा जारी पत्र के जरिए परिजनों के डीएनए टेस्ट करवाने को लेकर जगदीप ने कहा कि उसकी 3 मार्च 2024 को भाई से बात हुई थी। वहीं रूस प्रशासन द्वारा डीएनए टेस्ट को लेकर कहा कि रूस को कुछ लोगों के शव मिले है, जिसको लेकर उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार के जरिए उन्हें डीएनए टेस्ट करवाने के लिए कहा है। जगदीप ने कहा कि टेस्ट का खर्चा 25 से 30 हजार है। आर्थिक तंगी के कारण वह इतना महंगा टेस्ट नहीं करवा सकते।

इसलिए प्रशासन से डीएनए टेस्ट में मदद करवाने के लिए अपील की है। जिसके चलते कल फोन करके उन्हें बताया कि दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनके टेस्ट हो जाएगे। जिसमें 3 से 4 ग्रुप बनाए जाएंगे, दरअसल, 13 परिवारों को टेस्ट होने है। जगदीप ने कहा कि इसके बाद वह 2 से 3 दिनों में रूस में भाई से मिलने के लिए जाएंगे। जगदीप ने कहा कि 13 परिवारों ने केंद्र और अपने राज्यों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन अभी तक किसी ने मदद नहीं की।

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