बड़ा फैसलाः सर्राफा कारोबारियों ने इन लोगों की दुकान में एंट्री की बैन

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पटनाः बिहार में बढ़ती लूटपाट और चोरी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के निर्देश पर बिहार के सर्राफा बाजारों में यह नियम लागू किया है। दरअसल, सर्राफा कारोबारियों ने सुरक्षा को लेकर निर्णय लिया है कि राज्यभर में अब सोना-चांदी की दुकानों में हिजाब, नकाब या घूंघट पहनकर आने वाली महिलाओं और हेलमेट या मुरेठा पहनकर आने वाले पुरुषों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बिहार के जूलरी व्यापारियों ने इस फैसले का समर्थन किया है।

उनका मानना है कि इस नए सुरक्षा नियम से लूट, चोरी और डकैती की घटनाओं में कमी आएगी और पुलिस को भी संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिलेगी। आल इंडिया गोल्ड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि सर्राफा कारोबार लंबे समय से अपराधियों के निशाने पर रहा है। कई बार लूट और डकैती की वारदातों में अपराधी चेहरा ढककर आते हैं। ऐसे में चेहरे ढके होने की वजह से सीसीटीवी फुटेज में भी अपराधियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाती।

इससे न सिर्फ जांच में दिक्कत आती है, बल्कि अपराधियों के हौसले भी बढ़ते हैं। यह फैसला ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के निर्देश पर लिया गया है और 8 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। हालांकि, इसको लेकर विवाद शुरू हो गया है और इसको हिजाब बैन से जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है, लेकिन यह पूरा सच नहीं है। ज्वैलर्स एसोसिएशन का कहना है कि इसी को ध्यान में रखते हुए यह नियम लागू किया गया है। सर्राफा कारोबारियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे खरीदारी के दौरान चेहरे को ढककर न आएं।

इससे दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी। फेडरेशन का कहना है कि मौजूदा समय में सोना और चांदी ऐतिहासिक रूप से महंगे स्तर पर पहुंच चुके हैं। वर्तमान में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹1,40,000 और एक किलो चांदी की कीमत करीब ₹2,50,000 तक पहुंच गई है। इतनी अधिक कीमत के चलते जूलरी दुकानें अपराधियों के लिए आसान और आकर्षक निशाना बन जाती हैं।

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