शक के आधार पर बिना पुख्ता सबूत के इस प्रकार की छापेमारी करना सही नहीं: रायजादा

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ऊना/सुशील पंडित:  ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने एसटीएफ की टीम द्वारा संतोषगढ़ में की गई छापेमारी को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं ने जो सवाल उठाए हैं, उनकी चिंता वाजिब है। शुक्रवार को ऊना से जारी बयान में पूर्व विधायक ने कहा कि निश्चित रूप से झूठी शिकायत व शक के आधार पर बिना पुख्ता सबूत के इस प्रकार की छापेमारी करना सही नहीं है।

रायजादा ने कहा कि जो व्यक्ति एसआईयू की टीम में बेहतर काम कर रहा है, उस पर कार्रवाई करना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि हमारा स्टैंड पूरी तरह से क्लियर है कि माफिया पर जीरो टॉलरेंस हैं। प्रदेश की सरकार किसी भी प्रकार के माफिया को सहन नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने साफ़ शब्दों में यह बात सबके लिए कही है कि किसी भी प्रकार से माफिया को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई कर्मचारी व अधिकारी आरोपी हो सकता है, इसलिए उस पर भी कार्रवाई करना कानून का काम है।

इसमें किसी प्रकार की बंदिश नहीं है, लेकिन जिस प्रकार से केवल शक के आधार पर केवल झूठी बातों में आकर छापेमारी कर देना सही नहीं है, इसकी मैं निंदा करता हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करता हूं और शिमला से वापस आकर बात भी करूंगा। उन्होंने कहा कि चिट्टे के खात्मे में लगे पुलिस जवानों का हौसला तोड़ने का काम होगा, तो फिर माफिया पर कार्रवाई कौन करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और पुलिस प्रमुख के साथ ऐसे संवेदनशील मामलों को जरूर उठाऊंगा।

रायजादा ने कहा कि हमने ना कभी किसी प्रकार से कभी भी पुलिस की कार्य प्रणाली में हस्तक्षेप किया है, ना कभी करेंगे। उन्होंने कहा कि जहां गलत होगा, वहां आवाज उठाई जाएगी। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिला करके खड़ा रहा हूं और खड़ा रहूंगा।

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