Punjab News: बिक्रम मजीठिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया फैसला

Written by

in

अमृतसरः शिरोमणि अकाली दल के नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद है। वहीं मजीठिया की गिरफ्तारी को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अभी मजीठिया को कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। सरकार ने 2 सप्ताह का समय मांगा है। वहीं, अदालत ने मजीठिया को जेल में खतरे को लेकर सवाल भी उठाया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी।

इस केस की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा और कोर्ट ने अगली तारीख निर्धारित कर दी। बता दें कि शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत देने की मांग की है। यह याचिका पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देती है, जिसमें उन्हें असमान संपत्ति मामले में जमानत नहीं दी गई थी। दरअसल, 3 बार विधायक रह चुके बिक्रम मजीठिया को 25 जून को अमृतसर स्थित आवास और 25 अन्य ठिकानों पर तड़के की गई छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था।

विजिलेंस टीम ने इस दौरान डिजिटल उपकरण, प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए थे। 26 जून को मोहाली की अदालत ने उन्हें 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा, जिसे बाद में चार दिन और बढ़ाया गया। इसके बाद 6 जुलाई को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। वह इस समय नाभा जेल में बंद हैं। उन्होंने रक्षा बंधन, दशहरा और दिवाली जेल में बिताई है। विजिलेंस ब्यूरो ने 22 अगस्त को विस्तृत चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 40,000 से अधिक पन्नों का दस्तावेजी सबूत और 200 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल हैं। यह मामला 2013 में ईडी की उस जांच से जुड़ा है, जिसमें 6,000 करोड़ रुपए के सिंथेटिक ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ था।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *