Jalandhar में बेअदबी को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने दिए जांच के आदेश

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अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने जालंधर के मलाहल गांव के गुरुद्वारा साहिब में शरारती अनसंरों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन अंग की गई बेअदबी को लेकर सख्त नोटिस लेते हुए इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस घटना की सख्त शब्दों में निंदा कर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हमारे जागत ज्योति गुरु हैं, जिन्होंने हमारी मौजूदगी है, इसलिए गुरु साहिब जी के मान-सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब के अंदर हर समय पहरेदारी, गुरु घर के प्रबंध मजबूत और सुरक्षित बनाने में हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर गुरुद्वारा साहिबान के प्रबंधों में अभी भी ढिलाई बरती जा रही है। उन्होंने सिख संगत को उम्मीद दी कि अपने अपने गुरुद्वारा साहिबान में हर समय पहरेदारी, चल रही हालत में कैमरों का प्रबंधन सुनिश्चित बनाएं। दूसरी ओर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस मामले की सख्त शब्दों में निंदा की है।

एडवोकेट धामी ने कहा कि पिछले सालों के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी होना बहुत चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जालंधर के माहल गांव में पावन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंग फाड़ना सिख भावनाओं को सीधे चुनौती है। यह घटना भी बड़ी साज़िश का हिस्सा लगती है, क्योंकि यहां गुरुद्वारा साहिब में लगे कैमरे भी बंद थे।

एडवोकेट धामी ने इस घटना के दोषियों और इसके पीछे काम कर रही ताकतों को सामने लाने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर एसजीपीसी कमेटी की तरफ से सदस्य रंजीत सिंह काहलों की अगुवाई में गुरुद्वारा श्री मौ साहिब और धर्म प्रचार कमेटी से अधिकारियों को भेजा गया है, जिन्हें हर स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एसजीपीसी के अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा माहौल में गुरुद्वारा कमेटियों की बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि वह गुरुद्वारा साहिबान में निगरानी सुनिश्चित बनाएं।

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