नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के नंद्याल जिले में आज सुबह तड़के एक निजी बस अनियंत्रित हो गई। बस अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे कंटेनर ट्रक के साथ टकरा गई और आग लग गई। आग लगने से भीषण हादसा हो गया। पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं कुछ लोग घायल भी हुए हैं। यह हादसा करीबन 2 बजे शिरिवेल्लामेट्टा गांव के पास हुआ। नंद्याल जिले की पुलिस ने बताया कि बस और ट्रक दोनों के ड्राइवर के साथ ही ट्रक का क्लीनर भी आग में झुलस कर दम तोड़ गया। मृतकों की पहचान उनके जलने के कारण संभव नहीं हो पाई।
पुलिस के अनुसार, एआरबीसीवीआर प्राइवेट ट्रैवल्स की यह बस नेल्लोर से हैदराबाद में जा रही थी। इसमें 36 यात्री सवार थे। तभी बस का एक टायर अचानक फट गया। इससे ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया। बस रोड़ डिवाइडर को पार कर सामने से आ रहे कंट्रेनर ट्रक से आमने-सामने टकरा गई। टकराव के बाद जोरदार आग लग गई। मिनटों में दो वाहन लपटों में घिर गए। आग इतनी तेज थी कि बस के अंदर सवार यात्रियों में डर फैल गया। पुलिस ने बताया कि बस का मुख्य दरवाजा और इमरजेंसी निकास दोनों ही नहीं खुल पाए जिसके कारण कई यात्री पहले भाग नहीं सके।
तीन लोगों की हुई मौत
पुलिस ने बताया कि एक डीसीएम वाहन का चालक हादसे के समय वहां से गुजर रहा था। उसने तुरंत अपनी गाड़ी रोक ली और बस की खिड़कियां तोड़कर यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। कई यात्री ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचा ली हालांकि बस ड्राइवर, ट्रक ड्राइवर और ट्रक क्लीनर बस के अंदर फंस गए और आग में झुलसकर मृत हो गए। 10 से ज्यादा यात्रियों को जलने के कारण गंभीर जख्म आए हैं। वहीं कुछ यात्री बस से कूदने और भगदड़ के कारण भी घायल हो गए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए पास के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है। आग बस से शुरु होकर कंटेनर ट्रक तक फैल गई और दोनों वाहन पूरी तरह से जल गए। यात्रियों का सामान और व्यक्तिगत सामान भी पूरी तरह से नष्ट हो गया।
बुरी तरह प्रभावित हुई ट्रैफिक
पुलिस टीम और ट्रैफिक कर्मी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्य शुरु किया। दुर्घटना के कारण उस रास्ते पर कई घंटे तक ट्रैफिक रुका रहा और भारी जाम लग गया। बाद में क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर मार्ग को फिर से सामान्य किया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना को लेकर केस दर्ज करके जांच शुरु कर दी गई है। दुर्घटना के कारणों और घटनाक्रम की सही जानकारी जुटाने के लिए घायल यात्रियों के बयान भी लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीसीएम चालक की समय पर मदद के कारण ज्यादा जानें बच पाई।
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