भारत-EU में Mother Of All Deals हुई साइन, ट्रंप को लगेगा झटका!

Written by

in

यूरोपीय अध्यक्ष ने बढ़ाई अमेरिकी राष्ट्रपति की चिंता

नई दिल्ली : भारत और यूरोपीय संघ ने आखिरकार मुक्त व्यापार समझौते को लेकर चल रही लंबी बातचीत पूरी कर ली है। यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार बढ़ाने और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए जरुरी माना जा रहा है। दोनों पक्षों ने इस डील को संतुलित और भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया बताया है। इसका आज औपचारिक तौर पर ऐलान भी कर दिया गया है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटानियो कोस्टा ने कहा कि यह समझौता बढ़ते टैरिफ और संरक्षणवाद के खिलाफ दुनिया को एक साफ राजनीतिक संदेश देता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते वैश्विक स्तर पर जो अनिश्चितता बनी है। उसके बीच भारत-EU का यह कदम बहुत ही जरुरी है।

जरुरी है कि भारत-EU एक साथ आएं

एंटोनियो कोस्टा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज की बहुध्रुवीय दुनिया में यह जरुरी है कि भारत और यूरोपीय संघ और करीब आएं। हम मिलकर अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में स्थिरता, भरोसा और सुरक्षा देने वाले मजबूत साझेदार बन सकते हैं और नियमों पर आधारित वैश्विक व्यवस्था की रक्षा कर सकते हैं। कोस्टा गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मुख्त अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। कोस्टा के अनुसार, भारत-EU समझौता दुनिया को यह संदेश देगा कि भारत और यूरोपीय संघ टैरिफ की जगह व्यापार समझौतों में भरोसा रखते हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब कई देश संरक्षणवाद की ओर बढ़ रहे हैं और टैरिफ बढ़ा रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं का व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा है। इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर था। सेवा क्षेत्र में 2024 में दोनों के बीच व्यापार 83.10 अरब डॉलर रहा है। बता दें कि फिलहाल EU में भारतीय सामानों पर औसतन 3.8 प्रतिशत टैक्स लगता है लेकिन श्रम आधारित क्षेत्रों में यह करीबन 10 प्रतिशत तक है। वहीं भारत में EU से आने वाले सामानों पर औसतन 9.3 प्रतिशत टैक्स, कार और उनके पुर्जों पर 35.5 प्रतिशत, प्लास्टिक पर 10.4 प्रतिशत और केमिकल व दवाओं पर करीबन 9.9 प्रतिशत शुल्क लगता है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *