Punjab News: फर्जी हेल्थ मिनिस्टर गिरफ्तार, सिविल अस्पताल में Call कर बना रहा था दबाव, देखें वीडियो

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अमृतसरः हेल्थ मिनिस्टर पंजाब डा. बलबीर सिंह के नाम पर फेक कॉल करके सिविल अस्पताल एडमिनिस्ट्रेशन पर दबाव बनाने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान अमृतसर के गुरबख्श नगर के रहने वाले हरजीत सिंह के तौर पर हुई है। पुलिस ने मामले में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी देते डिप्टी कमिशनर लॉ एंड आर्डर आलम विजे सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति ने सिविल हॉस्पिटल अमृतसर में कॉल करके पहले खुद को हेल्थ मिनिस्टर डा. बलबीर सिंह और बाद में हेल्थ मिनिस्टर के ऑफिस से गुरजीत सिंह बताया था। कॉल के दौरान उसने अधिकारियों को ऑर्डर देने की कोशिश की, जिससे स्टाफ पहले तो बातों में आ गया, लेकिन बाद में उन्हें आवाज से थोड़ा शक हो गया। शक के आधार पर कॉल की रिकॉर्डिंग सिविल सर्जन डॉ. सतिंदर सिंह बजाज के ध्यान में लाई गई।

सिविल सर्जन द्वारा रिकॉर्डिंग सुनने के बाद यह साफ हो गया कि आवाज माननीय हेल्थ मिनिस्टर डॉ. बलबीर सिंह की नहीं थी। इसके बाद पटियाला से डॉ. बलबीर सिंह से सीधी बातचीत हुई, जिन्होंने ऐसे किसी भी कॉल या निर्देश से साफ इनकार किया जिसके बाद मामला CP अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के ध्यान में लाया गया।

पुलिस ने जिस फोन नंबर से कॉल आया था, उसकी तुरंत टेक्निकल ट्रैकिंग और एनालिसिस की। ADCP और सिटी पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को ट्रैक करके गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी हरजीत सिंह 5वीं क्लास तक पढ़ा है और उसकी उम्र करीब 57 साल है और वह पेशे से प्राइवेट ड्राइवर है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही 6 और FIR दर्ज हैं, जिनमें से एक थाना गेट हकीमा और 5 थाना A डिवीजन में दर्ज है। आरोपी को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड लिया जाएगा।

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी का बेटा धर्मप्रीत सिंह सिविल हॉस्पिटल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। पंजाब सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक, अस्पताल का सिक्योरिटी गार्ड टैस्को कंपनी का और रिटायर्ड फौजी होना चाहिए और आरोपी का बेटा दोनों शर्तों को पूरा नहीं करता थी जिसके चलते आरोपी हरजीत सिंह ने अपने बेटे की नौकरी बचाने के लिए यह पूरी साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पत्नी भी सिविल हॉस्पिटल में क्लास-4 कर्मचारी है। पूछताछ के बाद यह साफ हो गया कि आरोपी ने निजी फायदे के लिए सरकारी अधिकारी बनकर गंभीर अपराध किया है।

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