विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा, Punjab में सिर्फ 212 Immigration Agents पंजीकृत

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8 जिलों में एक भी Immigration Agents नहीं है पंजीकृत

चंडीगढ़ः पंजाब में विदेश जाकर डालर कमाने के चक्कर में हर साल हजारों की संख्या में लोग दूसरे देशों का रूख करते है। लेकिन हाल ही में अमेरिका से भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने के मामले के बाद पुलिस ने इमीग्रेशन ऐजेंटों पर सख्ती करनी शुरू कर दी है। दरअसल, इन एजेंटों ने प्रदेश के हर जिलों में अपने ऑफिस खोल रखे हैं, लेकिन विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार इनमें 92 प्रतिशत अवैध रूप से काम कर रहे हैं, क्योंकि 8 प्रतिशत एजेंट्स ही पंजीकृत हैं। विदेश मंत्रालय के रिकाॅर्ड के अनुसार प्रदेश में सिर्फ 212 एजेंट ने ही अपने आप को पंजीकृत कराया हुआ है, लेकिन इनमें से भी 65 के लाइसेंस एक्सवायर, रद्द व निष्क्रिय हो चुका है। हालत यह है कि 8 जिलों में एक भी एजेंट पंजीकृत नहीं है, जबकि इनमें बड़ी संख्या में एजेंट अवैध रूप से काम कर रहे हैं। प्रदेश में कुल 2730 से ऊपर इमिग्रेशन एजेंट अवैध रूप से काम कर रहे हैं, जो लोगों को बाहर भेजने के लिए भारी राशि वसूल रहे हैं। जिन जिलों में एक भी पंजीकृत इमिग्रेशन एजेंट नहीं है, उनमें पठानकोट, श्री मुक्तसर साहिब, तरनतारन, फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का, मलेरकोटला और मानसा शामिल हैं। सरकार की तरफ से भी इन जिलों में अवैध एजेंटों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसी तरह फतेहगढ़ साहिब में सिर्फ एक एजेंट पंजीकृत था, जिसका लाइसेंस भी सस्पेंड हो चुका है। संगरूर में दो पंजीकृत हैं, जिसमें से एक का लाइसेंस निष्क्रिय किया जा चुका है। शहीद भगत सिंह नगर में 3 एजेंट पंजीकृत है, जिसमें से एक का लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है। इन आंकड़ोंं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से विदेश भेजने के नाम पर युवाओं के साथ खेल हो रहा है। इसके अलावा मोगा जिले में दो एजेंट पंजीकृत है, जिसमें से एक का लाइसेंस एक्सपायर है। कपूरथला में 3 और पटियाला में सिर्फ पंजीकृत है, जिसमें से एक का निवेदन के बाद लाइसेंस रद्द कर दिया गया। बठिंडा में दो एजेंट्स पंजीकृत हैं, जबकि दोनों का लाइसेंस ही एक्सपायर है। सबसे अधिक एजेंट जालंधर, मोहाली और होशियारपुर में पंजीकृत हैं। जालंधर में कुल 86 एजेंटों के पास लाइसेंस हैं। इसमें से 16 का लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है, जिसके चलते यह भी बिना लाइसेंस रिन्यू करवाए काम कर रहे हैं। इसके अलावा 4 लाइसेंस रद्द भी किए गए हैं, जबकि 1 लाइसेंस निलंबित कर दिया गया और दो का निवेदन के बाद रद्द कर दिया गया है। दूसरे नंबर पर मोहाली में सबसे अधिक 31 एजेंटों के पास लाइेंसस हैं, जिसमें से सात का एक्सपायर हो चुका है, जबकि एक रद्द हुआ है। होशियारपुर में 22 के पास वैध लाइसेंस है, लेकिन इसमें से 8 का लाइसेंस एक्सपायर हो गया है। लुधियाना में 20 एजेंटों के पास लाइसेंस हैं। इनमें तीन का एक्सपायर व एक का रद्द हो चुका है। मंत्रालय की तरफ से अवैध एजेंटों की पहचान के लिए समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। अब सरकार फिर से अवैध ट्रैवल एजेंटों पर सख्ती करने जा रही है। अमेरिका से डिपोर्ट होकर आए लोगों की शिकायत पर अवैध एजेंटों पर कार्रवाई की जा रही है।

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