चाइना डोर से 12वीं के छात्र की कटी गर्दन, 48 घंटे रहा वेंटिलेटर पर

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करनालः हरियाणा के करनाल में चाइना डोर का कहर देखने को मिला। जहां मां के साथ स्कूटी पर सवार होकर जा रहे 12वीं के छात्र की चाईना डोर की चपेट में आने से गर्दन कट गई। मिली जानकारी के अनुसार 16 वर्षीय छात्र की गर्दन में अचानक चाइनीज डोर फंस गई और कुछ ही क्षण में बच्चे का गला कट गया और सांस की नली तक में गहरी चोट आ गई। मां का बचाव हो गया, लेकिन बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बिना देरी किए ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन का फैसला लिया। जांच में सामने आया कि बच्चे की सांस की नली भी कट चुकी थी। डॉक्टरों की टीम ने सफल ऑपरेशन किया, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण बच्चे को 48 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। 9 फरवरी को बच्चे को वेंटिलेटर से हटाया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह धीरे-धीरे रिकवर कर रहा है।

डॉ. अर्शदीप सिंह ने बताया कि 12वीं कक्षा में पढ़ने वाला 16 वर्षीय निश्चय अपनी मां के साथ स्कूटी पर स्कूल जा रहा था, तभी चाइनीज डोर उसके गले में फंस गई। गले से काफी खून बह रहा था और सांस की नली कट चुकी थी। तुरंत ऑपरेशन किया गया। इस ऑपरेशन में डॉ. हरजीत सिंह, डॉ. रवि वर्मा, डॉ. विनीत पांचाल और डॉ. आदित्य चौधरी शामिल रहे। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचने और तुरंत इलाज मिलने से बच्चे की जान बच सकी। डॉक्टरों के अनुसार बच्चा आने वाले बोर्ड एग्जाम दे सकेगा, लेकिन अभी उसे पूरी तरह आराम की जरूरत है। कुछ दिनों में बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

छात्र की मां रीना देवी ने बताया कि हादसे के समय लोग मदद करने की बजाय तमाशा देखते रहे। उन्होंने कहा कि चाइनीज डोर पर प्रतिबंध के बावजूद यह बाजार में खुलेआम बिक रही है। अभिभावकों को भी जागरूक होना चाहिए कि वे अपने बच्चों को ऐसी डोर क्यों दे रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस पर सख्ती से कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से मासूमों की जान बचाई जा सके।

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