बदल गया PMO का पता… PM मोदी ने किया ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन, पहले दिन लिए कई बड़े फैसले

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया। अब प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय इसी नए परिसर से काम करेंगे। प्रधानमंत्री का कार्यालय रायसीना हिल स्थित राष्ट्रपति भवन के पास पुरानी साउथ ब्लॉक इमारत से यहां शिफ्ट कर दिया गया है। यह बदलाव उस दिन हुआ जब 1931 में नई दिल्ली को भारत की आधुनिक राजधानी के रूप में घोषित किए जाने के 95 साल पूरे हुए।   किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए लिए गए बड़े फैसले प्रधानमंत्री ने अपने नए कार्यालय में पहले ही दिन किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम जनता के हित में चार बड़े फैसले लिए।
  1. PM राहत योजना की शुरुआत
इस योजना के तहत सड़क या अन्य दुर्घटनाओं में घायल लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इसका मकसद है कि समय पर इलाज न मिलने से किसी की जान न जाए।
  1. ‘लखपति दीदी’ योजना का नया लक्ष्य
सरकार ने मार्च 2027 की तय समय सीमा से पहले ही 3 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य पूरा कर लिया है। अब प्रधानमंत्री ने मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य तय किया है।
  1. किसानों के लिए कृषि अवसंरचना निधि दोगुनी
किसानों को मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना निधि को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे खेती और उससे जुड़ी पूरी व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है।
  1. स्टार्टअप के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड
देश में नई तकनीक और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को मंजूरी दी गई है। इसमें 10,000 करोड़ रुपये का फंड होगा, जो खासकर डीप टेक और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को मजबूत करेगा। नए कार्यालय में पूजा और अधिकारियों के साथ बैठक उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और जितेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सेवा तीर्थ पहुंचे। प्रधानमंत्री ने अपने नए कार्यालय में भगवान गणेश की मूर्ति पर माला चढ़ाई। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा और शक्तिकांत दास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।  ‘सेवा तीर्थ’ नाम से दिया गया नया संदेश उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने परिसर में लगी ‘सेवा तीर्थ’ नाम की पट्टिका का अनावरण किया। दीवार पर देवनागरी में यह नाम लिखा गया है और नीचे ‘नागरिक देवो भव’ का संदेश अंकित है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, 2014 के बाद से सरकार औपनिवेशिक दौर से जुड़े प्रतीकों को बदलकर नई सोच को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है। इसी के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया गया। केंद्रीय सचिवालय भवनों का नाम ‘कर्तव्य भवन’ रखा गया। राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया गया।          

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