Punjab News: मेयर चुनाव को लेकर High Court ने जारी किया नोटिस!

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अमृतसरः नगर निगम चुनाव के जारी नतीजोे के बाद आप पार्टी द्वारा मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का ऐलान किया गया था। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा होने का दावा करते हुए हाईकोर्ट में 27 जनवरी को ही पार्षद विकास सोनी द्वारा पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद कांग्रेस पार्षद विकास सोनी द्वारा दोबारा नगर निगम में मेयर चुनाव को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

दूसरी ओर इस मामले को लेकर हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार व याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। गौर हो कि अमृतसर में 27 जनवरी को चुनाव हुए थे, जिसमें आप पार्टी के पार्षद जितेंद्र सिंह मोती भाटिया को मेयर चुना गया। इसी प्रकार आप पार्टी की पार्षद प्रियंका शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और बाद में पार्टी जॉइन करने वाली आजाद पार्षद अनीता रानी को पार्षदों के बहुमत से डिप्टी मेयर घोषित किया गया था।

याचिका में कहा गया था कि आम आदमी पार्टी की पंजाब में सरकार होने पर धक्केशाही करके आप ने अपनी पार्टी के पार्षदों को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर घोषित कर दिया है। कांग्रेस वर्करों की ओर से आप सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन भी किया गया।

27 जनवरी को हाइकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि अमृतसर नगर निगम में बहुमत कांग्रेस पार्टी के पास है। मेयर पद का चुनाव दोबारा से करवाया जाना चाहिए। इस याचिका पर हाईकोर्ट की डबल बेंच के न्यायाधीश सुधीर सिंह और न्यायाधीश सुखविंदर कौर ने 29 जनवरी को सुनवाई की। डबल बेंच के न्यायाधीशों द्वारा सुनवाई के बाद न तो नोटिस ऑफ मोशन दिया गया और न ही कोई अगली तारीख दी गई।

जिसके बाद अब दोबारा से हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका को लेकर हाई कोर्ट की डबल बैच द्वारा 10 फरवरी को इस याचिका पर निर्णय करने के लिए ऑर्डर प्रोनाउंसमेंट (निर्णय रिजर्व) रख दिया गया। जिसे आज 11 फरवरी को इस अपलोड किया जाएगा। चुने गए मेयर जितेंद्र सिंह मोती भाटिया को कैबिनेट मिनिस्टर कुलदीप धालीवाल ने 28 जनवरी को ही पद पर बैठा दिया था। लेकिन, अभी तक चुनी गई सीनियर डिप्टी मे पार्षद प्रियंका शर्मा और डिप्टी मेयर अनिता रानी ने कार्यभार नहीं संभाला है। बताया जा रहा हैकि दोनों को पदग्रहण करवाने के लिए हाईकोर्ट के लिखित आदेश का इंतजार हो रहा है।

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