America के बाद इस देश में भारतीय रेस्टोरेंट में सरकार का Action, कई काबू, देखें वीडियो

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लंदन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त आप्रवासी विरोधी अभियान के बाद अब ब्रिटेन की लेबर सरकार भी उसी राह पर चलती दिखाई दे रही है। लेबर सरकार ने देश में अवैध रूप से काम करने वालों के खिलाफ बड़ा छापेमारी अभियान शुरू किया है। यह अभियान भारतीय रेस्टोरेंट, नेल बार, सुविधा स्टोर से लेकर कारों की धुलाई वाले केंद्रों तक फैल गया है, जो प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देते हैं। इस अभियान को ‘यूके-वाइड-ब्लिट्ज’ नाम दिया गया है। प्रधानमंत्र कीर स्टार्मर की सरकार पर अवैध प्रवासियों को लेक सख्ती बरतने को लेकर भारी दबाव है। ब्रिटेन अवैध अप्रवासियों को उनके देशों में वापस भेजने के लिए विशेष चार्टर उड़ानों का इस्तेमाल कर रहा है। स्टार्मर सरकार भी अब ट्रंप की तरह ही प्रवासियों को भेजने के लिए वीडियो फुटेज का सहारा ले रही है। सरकार ने पहली बार निर्वासन को दिखाने वाला वीडियो जारी किया है, जिसमें निर्वासित किए जाने वाले लोगों को बस से उतारकर चार्टर जेट के अंदर ले जाते दिखाया गया है। इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि लेबर सरकार के सत्ता में आने के बाद से लगभग 19000 विदेशी अपराधियों और अवैध प्रवासियों को हटाया जा चुका है। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने जनवरी में अपनी रिपोर्ट में गृह मंत्री यवेट कूपर की व्यक्तिगत देखरेख में रेकॉर्ड छापेमारी की जानकारी दी। जनवरी में 828 परिसरों पर छापे मारे गए जो पिछले जनवरी की तुलना में 48 प्रतिशत अधिक थे। 609 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो बीते साल की इसी अवधि की तुलना में 73 फीसदी ज्यादा है। कूपर के ऑफिस ने बताया कि उनकी टीमें सभी क्षेत्रों में अवैध काम करने वालों की खुफिया जानकारी मिलने पर ऐक्शन लेती हैं। बीते महीने की कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा रेस्टोरेंट, टेकअवे और कैफे के साथ-साथ खाद्य, पेय और तंबाकू उद्योग के खिलाफ चलाया गया। इस दौरान उत्तरी इंग्लैंड के हंबरसाइट में एक भारतीय रेस्टोरेंट की यात्रा में अकेले 7 गिरफ्तारियां की गईं, जबकि 4 लोग हिरासत में लिए गए। कूपर ने कहा कि इमिग्रेशन नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें लागू किया जाना चाहिए। ‘बहुत लंबे समय से नियोक्ता अवैध प्रवासियों को काम पर रखने और उनका शोषण करने में सक्षम रहे हैं और बहुत से लोग अवैध रूप से आकर काम करते रहे हैं, जिनके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई।’ ब्रिटिश गृहमंत्री ने कहा कि ‘इससे न केवल लोगों के लिए एक छोटी नाव में चैनल पार करके अपनी जान जोखिम में डालने का जोखिम पैदा होता है, बल्कि इससे कमजोर लोगों, आव्रजन प्रणाली और हमारी अर्थव्यवस्था का दुरुपयोग होता है।

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