यज्ञ में दुकान लगाने को लेकर हुआ विवाद, व्यक्ति ने पुजारी के भाई को पीटा

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दुर्गः जिले के नारथा गांव में स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी के भाई को बीजेपी नेता द्वारा पीटने का मामला सामने आया है। दरअसल, ग्राम नारधा से BJP के पूर्व जनपद सभापति चंद्रहाश गोस्वामी ने महायज्ञ का आयोजन करवाया हैं, जिसके लिए उन्होंने मंदिर के बाहर लगने वाले दुकानों को पीछे लगाने की बात कही थी। नहीं हटाने पर पुजारी के भाई को बुरी तरह से पीट दिया। बीजेपी नेता पर ये भी आरोप है कि इस यज्ञ के लिए ग्रामीणों से चंदा लिया गया है, जबकि पिछले 10 साल ये यह यज्ञ सामान्य होता आया है। वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेता ने खुद को घायल बताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित पक्ष ने भी शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी मुताबिक, जिले के नारथा गांव में स्थित रुक्खड़ नाथ धाम में गाय के गोबर से बनी हनुमानजी की प्रतिमा और शिवलिंग स्थापित है। 16 फरवरी को BJP नेता चंद्रहाश गिरी गोस्वामी ने यहां रुद्र महायज्ञ का आयोजन करवाया है। इसमें बड़े नेताओं को भी बुलाने की तैयारी चल रही थी। इसके लिए मंदिर परिसर में यज्ञ के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। दूसरी तरफ मंदिर समिति इस आयोजन के पक्ष में नहीं है।

इस आयोजन के लिए बीजेपी नेता ने मंदिर के आसपास नारियल, फूल और अन्य पूजन सामग्री की दुकानों को पीछे लगाने की बात कही थी। इसी परिसर में मंदिर के मुख्य पुजारी भीम महाराज की भी दुकान है। पुजारी ने दुकान पीछे करने से इनकार कर दिया। इसी कारण दोनों पक्षों के बीच पहले से तनाव था। 12 फरवरी की रात बीजेपी नेता चंद्रहास गिरी गोस्वामी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मंदिर के मुख्य पुजारी के छोटे भाई रामगिरी गोस्वामी की जमकर पिटाई कर दी। इस मंदिर की स्थापना काशी के जूना अखाड़ा से आए तपस्वी बाबा रुक्खड़ नाथ गिरी महाराज (रुक्खड़ स्वामी) ने लगभग 200 से 350 साल पहले की थी। इतने पुराने मंदिर में इस तरह की घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।

गांव के सरपंच का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच कोई तालमेल नहीं है। सरपंच के अनुसार, पहले यहां इस तरह का आयोजन नहीं होता था। करीब 10 साल पहले एक बार बड़ा आयोजन हुआ था। लेकिन जब से पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस मंदिर का उल्लेख किया, तब से यहां श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। सरपंच का आरोप है कि महायज्ञ आयोजन को लेकर बीजेपी नेता ने गांव वालों को किसी तरह शामिल नहीं किया। विवाद की जानकारी पूरे गांव को है।

इस पूरे मामले में चंद्रहास गिरी गोस्वामी का कहना है कि महायज्ञ और भीड़ की सुरक्षा को देखते हुए दुकानों को पीछे लगाने की बात कही गई थी। इसी दौरान रामगिरी गोस्वामी ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। बाद में उनके परिवार के अन्य सदस्य भी इसमें शामिल हो गए। चंद्रहास गिरी गोस्वामी ने खुद के घायल होने का दावा करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

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