महाविद्यालय में शिविर के दूसरे दिन का शुभारंभ स्वच्छता अभियान से

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ऊना/ सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय वंगाणा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय वार्षिक विशेष शिविर के दूसरे दिन का शुभारंभ प्रातः स्वच्छता अभियान से किया गया। स्वयंसेवियों ने महाविद्यालय परिसर में सफाई कर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर स्वयंसेवियों ने “स्वच्छ परिसर–स्वस्थ समाज” का संकल्प भी लिया।

दिवस के बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि एवं रिसोर्स पर्सन के रूप में संजीव कुमार भाटिया (एडिशनल डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, ऊना) ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. सिकंदर नेगी तथा रोड सेफ्टी क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. किरण ठाकुर ने की। मंच संचालन स्वयंसेवियों वदेही शर्मा एवं तनु ठाकुर ने किया। बौद्धिक सत्र का विषय “सड़क सुरक्षा एवं जागरूकता” रहा। मुख्य वक्ता ने छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व तथा मोटर वाहन अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को यातायात नियमों का पालन कर समाज में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रेखा शर्मा ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। दोपहर पश्चात आयोजित दूसरे बौद्धिक सत्र में जिला समन्वयक, पंजाब नेशनल बैंक आरसेटीआई ऊना, आकाश भारद्वाज ने रिसोर्स पर्सन के रूप में भाग लिया। इस सत्र का विषय “डिजिटल इंडिया, ई-बैंकिंग एवं साइबर क्राइम एवं सिक्योरिटी” रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल लेन-देन की सावधानियों, साइबर अपराधों से बचाव के उपायों तथा सुरक्षित ऑनलाइन बैंकिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. रेखा शर्मा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. सिकंदर नेगी, रोड सेफ्टी क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. किरण ठाकुर, एसएचओ, बंगणा रोहित , प्रो. कृष्ण चंद, डॉ. कुलदीप सिंह, प्रो. अरविंद रतन, प्रो. मुकेश कुमारी, प्रो. रेणुका, एनएसएस कैप्टन रोहित डोगरा, कैप्टन अंकिता ठाकुर तथा छात्र संघ अध्यक्ष गौरव सहित अनेक प्राध्यापक एवं स्वयंसेवी उपस्थित रहे। शिविर के दूसरे दिन के कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, सड़क सुरक्षा जागरूकता तथा डिजिटल साक्षरता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया। महाविद्यालय प्रशासन ने ऐसे ज्ञानवर्धक सत्रों को समय की आवश्यकता बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

 

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