Punjab News: ज्ञानी रघबीर सिंह को लेकर दमदमी टकसाल के ज्ञानी Ram Singh का आया बयान, देखें वीडियो

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अमृतसरः एसजीपीसी और सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद को लेकर अमृतसर के संत विहार से दमदमी टकसाल के ज्ञानी राम सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए दमदमी टकसाल ज्ञानी राम सिंह ने ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा हाल के दिनों में दिए जा रहे बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और धार्मिक पदों से जुड़े मुद्दे कोई नए नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे हैं। ज्ञानी राम सिंह ने कहा कि दरबार साहिब में सिंह साहिब का पद अत्यंत पवित्र है और सिख पंथ में इसका विशेष सम्मान है।

उन्होंने बताया कि स्वयं उन्हें गुरु रामदास जी ने 11 वर्षों तक सेवा का सौभाग्य दिया। जब उन्हें सेवा से हटाया गया तो कई लोगों ने अदालत जाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने कभी भी संस्था की बदनामी नहीं की। ज्ञानी राम सिंह ने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह ने हेड ग्रंथी और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के रूप में लंबे समय तक सेवाएं निभाई हैं। ऐसे में यदि कोई त्रुटियां या मुद्दे थे, तो उन्हें पद पर रहते हुए ही कौम के सामने लाना चाहिए था, चाहे इसके लिए पद क्यों न छोड़ना पड़ता। उन्होंने कहा कि आज पद से हटने के बाद सभी मुद्दों का सामने आना दुखद है। 328 सरूपों, बंदी सिंहों और अन्य प्रशासनिक समस्याएं पहले भी मौजूद थीं।

यदि उस समय सच्चाई की आवाज़ उठाई जाती, तो कौम में सम्मान और बढ़ता। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को संगत द्वारा दिया गया दशवंध और माया गुरु के खजाने में जमा कराना उनका कर्तव्य है। उनके समय में केवल वेतन मिलता था; बाहर जाने या अन्य लाभ लेने की प्रवृत्ति नहीं थी, जो पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पद आते-जाते रहते हैं, सेवा स्थायी नहीं होती, लेकिन पद की मर्यादा और सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए। आपसी बयानबाज़ी से इस सम्मान को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।

 

 

 

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