बल्ह में श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम दिवस, कृष्ण सुदामा प्रसंग ने नम की श्रद्धालुओं की आंखें

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कथा समापन पर भाजपा नेता भुट्टो ने की शिरकत 
ऊना/ सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के गांव बल्ह में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा के समापन अवसर पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।पंडाल में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य रूप प्रदान किया। कथाव्यास महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानन्द जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाकर सभी को भाव-विभोर कर दिया। अपने ओजस्वी और मधुर प्रवचनों में स्वामी प्रेमानन्द जी महाराज ने कहा कि सच्ची मित्रता कभी भी धन, पद, प्रतिष्ठा या वैभव की मोहताज नहीं होती।
उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता त्याग, समर्पण और निष्काम प्रेम का अद्भुत उदाहरण है। सुदामा की दरिद्रता के बावजूद श्रीकृष्ण ने उन्हें गले लगाकर यह संदेश दिया कि ईश्वर अपने भक्त के प्रेम के आगे स्वयं को भी छोटा कर लेते हैं। जैसे ही कृष्ण–सुदामा मिलन का प्रसंग वर्णित हुआ,पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और वातावरण पूरी तरह भावनाओं से भर उठा।
कथा स्थल को फूलों, रंग-बिरंगी झालरों और धार्मिक ध्वजों से सुसज्जित किया गया था। मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे आध्यात्मिक वातावरण और भी प्रभावशाली बन गया। विश्राम दिवस पर भजन-कीर्तन का विशेष आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से “श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी तथा हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे का संकीर्तन कर पूरे पंडाल को हरिनाम से गुंजायमान कर दिया। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी भक्ति रस में डूबे नजर आए।
 इस अवसर पर कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने विशेष रूप से उपस्थित होकर कथा श्रवण किया। आयोजक मंडल की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम में कृष्ण पाल शर्मा, जसमेर सिंह, रोशन लाल, सवर्ण सिंह, विजय ठाकुर, विपन कुमार, ठाकुर प्रीतम सिंह, बलबीर सिंह, राजेंद्र कुमार, राकेश, पवन कुमार, किरण वाला, मीना देवी, कुलविंदर कौर सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया और आयोजन की सराहना की। समापन अवसर पर आयोजक मंडल द्वारा कथाव्यास का विधिवत सम्मान किया गया तथा सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।
इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे गांव में सेवा और समर्पण की भावना देखने को मिली। श्रीमद्भागवत कथा के इस सफल आयोजन ने गांव बल्ह में धर्म, भक्ति और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश दिया। कथा के विश्राम के साथ ही श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलता रहे।
 

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