मैड़ी मेले में वन्यजीवों के अवैध प्रदर्शन पर वन वभाग की सख्त कार्रवाई

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 बाहरी राज्यों से आए सपेरों से इंडियन रॉक पाइथन (अजगर) बरामद 
ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के अंब क्षेत्र में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध बाबा बड़भाग सिंह (मैड़ी) मेले में वन्यजीवों के संरक्षण हेतु वन विभाग पूरी तरह सतर्क है। हाल ही में वन परिक्षेत्र कार्यालय अंब को प्राप्त एक गुप्त सूचना के आधार पर विभाग ने त्वरित कारवाई करते हुए अन्य राज्यों से आए सपेरों के कब्जे से इंडियन रॉक पाइथन (भारतीय अजगर) को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इस वन्यजीव को विभाग द्वारा उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
पछली शिकायतों के आधार पर वन विभाग की कड़ी चेतावनी देते हुए,पूर्व में प्राप्त शिकायतों और सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई अवैध गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग उन सभी व्यक्तियों और बाहरी राज्यों से आने वाले सपेरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कानूनी रूप से प्रतिबंध इंडियन रॉक पाइथन (अजगर) और कोबरा जैसे वन्यजीवों को पकड़ना, उन्हें कैद में रखना या व व्यावसायिक लाभ (जैसे मेले में प्रदर्शन कर पैसे वसूलना) के लिए उपयोग करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के वन्यजीव को बंधक बनाकर उनका प्रदर्शन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध अधिनियम की धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कारवाई अमल में लाई जाएगी।
इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर भारी जुमाने के साथ-साथ कारावास की सजा का भी सख्त प्रावधान है। विभाग ने श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों से अनुरोध किया है कि वे मेले के दौरान ऐसे कसी भी अंधविश्वास या वन्यजीवों के अवैध प्रदर्शन को बढ़ावा न दें। यदि आपको मैड़ी मेला क्षेत्र या आस-पास के क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति सांपों या अन्य वन्यजीवों का प्रदर्शन करता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों को सूचित करें। आप वन विभाग के अधिकारियों को इन नम्बरों पर संपर्क कर सकते हैं।
  •  ब्लॉक ऑफिसर अंब: 98055-09009
  •  ब्लॉक ऑफिसर, गगरेट: 98166-72020
  •  ब्लॉक ऑफिसर, कोटला: 98050-29039
  • ब्लॉक ऑफिसर, ज्वार: 70186-11921
  •  वन रक्षक, अंब: 98573-18071
वन्यजीवों की रक्षा करना हम सभी का नैतिक और कानूनी कर्तव्य है।
   

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