Punjab News: 46 महीने की 83,739 करोड़ GST Collection, विपक्ष पर बरसे वित्त मंत्री, देखें Live

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चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार के 4 वर्षों के कार्यकाल का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने कहा कि पहले 2017 की चुनावों के बाद आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा में विपक्षी दल के रूप में भूमिका निभाई। जहां आप पार्टी ने विधानसभा में जनता की बात रखी। इसके बाद 2022 की विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत मिला और भगवंत सिंह मान को मुख्यमंत्री बनाया गया।

4 साल पूरे होने पर वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि अगर जीएसटी को देखें तो कांग्रेस के समय से अब तक 46 महीनों में पंजाब ने 83,739 करोड़ रुपये जीएसटी इकट्ठा किया है, जिसमें से 14 महीने का राजस्व अभी पंजाब को आना बाकी है। जबकि कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल के 5 वर्षों में कुल 61,286 करोड़ रुपये की जीएसटी कलेक्शन हुई थी।

पंजाब में एक्साइज राजस्व की बात करें तो अकाली-भाजपा के 5 वर्षों में 20,545 करोड़ रुपये थे, कांग्रेस के 27,395 करोड़ रुपये और ‘आप’ के कार्यकाल में 37,975 करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा हुआ। स्टांप और रजिस्ट्री में अकाली-भाजपा के 5 वर्षों में 12,387 करोड़ रुपये और कांग्रेस के 5 वर्षों में 12,469 करोड़ रुपये थे, जिसमें केवल 80 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जो बताता है कि पंजाब के प्रति सच्चा प्रेम नहीं था। अब आप पार्टी सरकार में 19,515 करोड़ रुपये आज तक पंजाब के खजाने में आ चुके हैं।

पंजाब में खर्च (कैपिटल एक्सपेंडिचर) अकाली-भाजपा के 5 वर्षों में 14,641 करोड़ रुपये था, कांग्रेस ने 19,356 करोड़ खर्च किये और आप पार्टी ने 32,630 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। कर्ज की बात करें तो हमें 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज मिला था। अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों में बढ़ा हुआ कर्ज था; उसे चुकाने में 35% प्रिंसिपल अमाउंट वापस किया गया है, 50% ब्याज चुका दिया गया है और केवल 15% हमारे पास बचा है। 85% पैसा पुराने कर्ज चुकाने में लगा गया। डेट-टू-जीएसडीपी 48.25% थी, जिसे हमने घटाकर 44.47% पर लाया है, यानी 4% घटाया है।

लिक्विडेशन प्लान में पे कमीशन बढ़ाने पर 8 हजार करोड़ खर्च हुए, फिर कर्मचारियों का 2016 से 2021 तक का एरियर 14,191 करोड़ रुपये था, जो पेंशनधारियों को मिल चुका है और नियमित कर्मचारियों को मिलना शुरू हो चुका है।

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