Iran- Israel War: Airport पर गिराईं Hypersonic मिसाइलें, लगातार बज रहे सायरन

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उधर, 6 बैलिस्टिक मिसाइलें तबाह, अमेरिका ने फिर दी धमकी

तेहरान: खाड़ी में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध को 7 दिन हो गए हैं, लेकिन थमने का नाम नहीं ले रहा। ईरान की ओर से इजरायल पर लगातार मिसाइल और रॉकेट हमले किए जा रहे हैं। वहीं जारी रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इजरायल के तेल अवीव, हाइफा और यरुशलम जैसे बड़े शहरों को निशाना बनाया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। इस बीच इजरायल ने ईरान की 6 बैलिस्टिक मिसाइलें तबाह करने का दावा किया है। वहीं यरूशलम में भी लगातार सायरन की आवाज सुनी जा रही है। इस बीच लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह ने भी मोर्चा खोल दिया है। दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह ने एंटी-टैंक मिसाइल से इजरायली सेना के एक सैन्य दल को निशाना बनाया, जिसमें तीन इजरायली सैनिक घायल हो गए। इससे साफ है कि यह संघर्ष अब कई मोर्चों पर फैलता जा रहा है। ईरान के एक ड्रोन कैरियर पर भी अमेरिका ने हमला किया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रियाद के पास स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को सऊदी एयर डिफेंस ने हवा में ही मार गिराया। यह वही एयर बेस है, जहां पहले अमेरिकी सैन्य विमान तैनात रहते थे। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है। उधर अमेरिका ने भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ईरान पर हमले और तेज हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस को सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि वे हथियार डाल दें और ईरानी जनता के साथ खड़े हो जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हथियार छोड़ देंगे, उन्हें माफी दी जाएगी, लेकिन अगर वे लड़ाई जारी रखते हैं तो उनका अंत तय है। ट्रंप ने दुनिया भर में मौजूद ईरानी राजनयिकों से भी अपील की कि वे शरण मांगें और एक ‘नए ईरान’ के निर्माण में मदद करें। उनका कहना है कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ईरान किसी भी पड़ोसी देश या अमेरिका के लिए खतरा न बने। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य ताकत अभी पूरी तरह इस्तेमाल ही नहीं हुई है। उनका कहना था कि अगर अभी तक लोगों को लग रहा है कि बहुत बड़ा हमला हो चुका है, तो उन्हें इंतजार करना चाहिए, क्योंकि आगे और भी बड़ा सैन्य अभियान आने वाला है। हेगसेथ ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है और जरूरत पड़ने पर यह अभियान लंबे समय तक चलाया जा सकता है।    

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