Punjab News: Run for Humanity में गूंजा शांति और सेवा का संदेश, बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने दिखाया जोश, देखें वीडियो

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लुधियानाः शहर की सड़कों पर रविवार सुबह रन फॉर ह्यूमैनिटी मैराथन की धूम रही। शहरवासियों ने उत्साह से मैराथन में भाग लिया और यह साबित कर दिया कि जब इंसानियत की बात हो तो लुधियाना का दिल सबसे बड़ा है। इस दौड़ का दोहरा मकसद था संसाधनों के अभाव में शिक्षा से दूर बच्चों की मदद करना और दुनिया भर में फैल रही जंग की आग के बीच शांति का पैगाम देना।

मैराथन की शुरुआत घुमार मंडी से हुई और फाउंटेन चौक पर जाकर संपन्न हुई। सुबह 5 बजे ही लोग जुटना शुरू हो गए थे। देखते ही देखते पूरा रूट जोश से भरे लोगों से भर गया। इस दौड़ में केवल युवा ही नहीं बल्कि नन्हें बच्चों से लेकर 70 साल के बुजुर्गों तक ने हिस्सा लेकर पूरा जोश दिखाया।

आयोजकों और दौड़ने वाले लोगों ने विशेष रूप से ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों पर चिंता व्यक्त की। जब दुनिया के एक हिस्से में युद्ध की लपटें उठ रही हों तब दूसरे हिस्से से शांति और इंसानियत की आवाज बुलंद करना और भी जरूरी हो जाता है। लुधियाना की यह दौड़ उन निर्दोष लोगों के साथ एकजुटता दिखाने का भी एक ज़रिया है जो युद्ध की मार झेल रहे हैं।

टीम 1699 और दसवंत फाउंडेशन की अनूठी पहल जसदेव सिंह सेखों ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘टीम 1699’ और ‘दसवंत फाउंडेशन’ की इस साझी पहल का असली लक्ष्य इंसानियत को हर सरहद और विवाद से ऊपर रखना था। मैराथन में हिस्सा लेने आए युवाओं ने कहा कि ऐसे इवेंट्स उन्हें फिट रखने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास भी कराते हैं। सभी ने एक सुर में कहा कि जब तक दुनिया में इंसानियत ज़िंदा है नफरत और जंग कभी जीत नहीं सकती।

कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह केवल शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए की गई दौड़ नहीं थी। जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद दूसरों के लिए जीना है। आज लुधियाना की सड़कों पर वही संदेश फैलाया गया है। यह मैराथन उन बच्चों के लिए एक उम्मीद की किरण है जिनके हाथों में किताबों की जगह मजबूरी है। हर व्यक्ति का एक कदम किसी बच्चे का भविष्य बदलने की ताकत रखता है।

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