कांग्रेस प्रधान Raja Warring और Gurjeet Aujla समेत 8 सांसदों का निलंबन हुआ रद्द

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नई दिल्लीः लोकसभा सत्र के दूसरे चरण के दौरान निलंबित किए गए 8 सांसदों पर लगा निलंबन आज हटा लिया गया है। इन 8 सांसदों में से सात कांग्रेस पार्टी के और एक वामपंथी पार्टी के थे। इन 8 सांसदों को 4 फरवरी को पूरे बजट सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया था। कांग्रेस सांसद के सुरेश ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से 8 विपक्षी सदस्यों का निलंबन रद्द करने का अनुरोध किया। लोकसभा ने मंगलवार को उन 8 विपक्षी सदस्यों का निलंबन रद्द कर दिया जिन्हें संसद के बजट सत्र के पहले चरण में सदन की अवमानना के मामले में निलंबित किया गया था।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें 8 विपक्षी सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी थी। सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक के सुरेश ने आसन से निलंबन रद्द करने का अनुरोध किया और विपक्षी सदस्यों के आचरण पर खेद भी जताया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने निलंबन खत्म करने का प्रस्ताव सदन में रखा जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। किरेन रिजिजू ने लोकसभा में आठ सांसदों का निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद लोकसभा में मतदान के लिए पेश किया गया। प्रस्ताव पारित होने के बाद आठों सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया गया।

विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द करने पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा, “कल लंबी चर्चा हुई। सभी दलों ने सदन की गरिमा और परंपरा को बनाए रखने में योगदान देने का वादा किया। मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे AI, एआई से निर्मित तस्वीरों का उपयोग न करें। मैंने बुलेटिन में भी यही अनुरोध किया है। बजट सत्र के पहले चरण के दौरान तीन फरवरी को आसन की ओर कागज फेंकने के बाद, सदन की अवमानना के मामले में विपक्ष के 8 सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एस. वेंकटेशन शामिल हैं। निलंबन के बाद से ये सांसद कार्यवाही वाले दिन संसद के मकर द्वार पर धरना दे रहे थे।

 

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