HIV मरीजों को बड़ी राहत, पंचकूला में जल्द शुरू होगी नई टेस्टिंग लैब

चंडीगढ़ — हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने पंचकूला के सिविल अस्पताल में एचआईवी वायरल लोड टेस्टिंग लैब स्थापित करने की मंज़ूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य में यह दूसरी समर्पित सुविधा होगी, जबकि पहली लैब रोहतक में स्थित है। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि इस लैब को सालाना 1.65 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जाएगा, जो करीब 15,000 एचआईवी वायरल लोड टेस्ट प्रति वर्ष के अनुमान पर आधारित है।

नई लैब को पंचकूला सिविल अस्पताल में पहले से मौजूद कोविड-19 मॉलिक्यूलर टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर स्थापित किया जाएगा, साथ ही आवश्यक अतिरिक्त उपकरण भी खरीदे जाएंगे। इस कदम से बिना नया ढांचा तैयार किए लैब को जल्दी शुरू करना संभव होगा। यह प्रोजेक्ट हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (HSACS) के सुझावों पर आधारित है, जबकि इसका तकनीकी मूल्यांकन राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) द्वारा किया गया है। राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार प्रति टेस्ट लागत 1,100 रुपये तय की गई है, और खास बात यह है कि इस पूरी परियोजना का खर्च NACO उठाएगा, जिससे राज्य सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के लिए नियमित वायरल लोड टेस्टिंग बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे इलाज की प्रभावशीलता का आकलन, समय रहते उपचार में बदलाव और दवा प्रतिरोध को रोकने में मदद मिलती है। फिलहाल राज्य के सभी जिलों से सैंपल पीजीआईएमएस रोहतक भेजे जाते हैं, जिससे देरी होती है, लेकिन नई लैब शुरू होने से जांच में तेजी आएगी और मरीजों की बेहतर निगरानी हो सकेगी। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे एचआईवी/एड्स के खिलाफ हरियाणा की लड़ाई को मजबूती मिलेगी और बड़ी संख्या में मरीजों को समय पर उपचार का लाभ मिल सकेगा।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *