Jammu Kashmir की विधानसभा में जमकर हुआ हंगामा, Iran-Israel की जंग बनी कारण

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नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच मेें चल रही जंग का आज 28वें दिन है। अमेरिका की सेना ने कैंप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्पलेक्स 46 से अपनी लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल डार्क ईगल नाम की एक मिसाइल का एक और टेस्ट लॉन्च किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह लॉन्च हाल ही में हुआ है जिसमें मिसाइल ने आस-मान में तेज रफ्तार से उड़ान भरी है। डॉर्क ईगल असल में अमेरिकी आर्मी का लॉन्ग का एक और टेस्ट लॉन्च किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हाल ही में लॉन्च हुआ है। इसमें मिसाइल से आस-मान में तेज रफ्तार से उड़ान भरी है। डॉर्क ईगल असल में अमेरिकी आर्मी का लॉन्ग रेंज हाइपरसोनिक वेपन है। हिजबुल्लाह ने इजरायल के हाइफा के हाइफा और नाहारिया पर 30 से ज्यादा रॉकेट दागे इसके अलावा लेबनान से रॉकेट और ड्रोन हमलों में इजरायल में एक महिला की मौत हो गई। कई लोग इसमें घायल भी हो गए। लेबनान से रॉकेट और कुछ लोग घायल भी हुए। ईरान ने इजरायल के एयरोस्पेस और हथियार फैक्टियों पर ड्रोन हमले हुए हैं। वहीं इजरायल ने शिराज एयरपोर्ट समेत ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए हैं। शिराज में धुएं के गुबार जबकि हजरायल ने शिराज एय़रपोर्ट समेत ईारन के कई ठिकानों पर हमले भी किए हैं। शिराज में धुएं के गुबार उठते दिखे। तेल अवीव में मिसाइल हमले से तीन इमारतें क्षतिग्रस्त हुई। कई लोग घायल भी हो गए हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में ड्रोन हमले के कारण आग लग गई है। सऊदी और कुवैत ने कई ड्रोन और मिसाइलों को रोक लिया है। जंग की जगह से ब्रेंट क्रूड एक समय 104 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया था लेकिन ट्रंप के बातचीत वाले बयान के बाद कीमतें 6-6.5% गिरकर 94-97 डॉलर के आस-पास पहुंच गई है। फिर भी युद्ध से पहले लेवल से यह ऊपर है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद जैसी स्थिति में है हालांकि ईरान ने कहा कि गैर दुश्मन जहाजों को पास करने की इजाजत है।

स्थिति पर भारत की है पूरी नजर

इस पूरे मामले पर भारत की लगातार नजर बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से फोन पर बात की है। इलाके में जल्द शांति तथा हार्मुज जलडमरुमध्य को खुला और सुरक्षित रखने की अपील की है। भारत की चिंता अपनी ऊर्जा सुरक्षा, तेल सप्लाई और वहां पर रहे रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर है।

अमेरिका-ईरान की जंग पर क्या होने वाले हैं हालात

अमेरिका ने मध्य पूर्व में 2000 से ज्यादा अतिरिक्त सैनिक भेजने का फैसला है। इजरायल दक्षिणी लेबनान में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की योजना बन रही है। ईरान में अब तक 1500 से ज्यादा होते हो चुकी है जबकि लेबनान में 1000 से अधिक स्थिति अभी भी संवेदनशील है। ट्रंप का यह कहना है कि ईरान अब भी समझदारी दिखा रहा है। परंतु मैदान में हमले चल रहे हैं। दुनियाभर के देश इस जंग को जल्दी खत्म करना अपनी समझदारी समझ रहे हैं परंतु मैदान में हमले चल रहे हैं। दुनिया भर के देश इस जंग को जल्द खत्म होने की उम्मीद कर रहे हैं और इससेे तेल की कीमतें क्योंकि इससे तेल की कीमतें बढ़ रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर हो रहा है।

ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ

ईरान-इजरायल अमेरिका के बीच करीबन एक महीने से जंग चल रही है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं।

PM Modi की तारीफ

नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि पीेएम मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा करके दिखाते हैं। यह मैसेज अमेरिका के दूतावास ने शुक्रवार को भारत में अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया है। ट्रंप ने लिखा कि – भारत के साथ हमारा शानदार रिश्ता आगे और मजबूत होगा। पीएम मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं जो ज्यादातर लोगों के बारे में कहीं नहीं जा सकता। इजरायल डिफेंस फोर्सेज के अरबी प्रवक्ता ने दक्षिणी लेबनान के सज्द गांव के रहने वाले लोगों को तुरंत निकासी की जरुरी चेतावनी दी है। आईडीएफ ने कहा कि इलाके में हिजबुल्लाह की गतिविधियां उनके सैन्य अभियानों को मजबूर कर रही है। इसलिए लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए जल्द ही अपने घरों को छोड़कर तुरंत उत्तर की ओर जाना पड़ रहा है। आईडीएफ के अनुसार, निवासियों का यह कहना है कि जहरानी नदी के उत्तर की ओर से चले जाने वाले सलाह दी गई है। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा है कि इजरायल का इरादा किसी भी आम नागरिक को नुकसान पहुंचाने का नहीं है। लेकिन हिजबुल्लाह के कारण से मजबूर सैन्य कार्रवाई करनी पड़ रही है। यह चेतावनी अरबी भाषा में चल रही है ताकि आस-पास के लोग आसानी तक पहुंच पाएं। आईडीएफ ने पहले भी दक्षिणी लेबनान के कई गांवों और इलाकों के लिए इसी तरह की निकासी चेतावनियां जारी की हैं। इसमें जहरानी नदी के दक्षिण वाले पूरे क्षेत्र को शामिल किया गया था।

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