प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राम लला का दूसरा सूर्य तिलक, PM Modi ने किए Live दर्शन, देखें वीडियो

Written by

in

नई दिल्ली: रामनगरी अयोध्या में शुक्रवार दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त के दौरान प्रभु रामलला का भव्य सूर्य तिलक किया गया। प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह बालक राम का दूसरा सूर्य तिलक है। इसमें करीब 4 मिनट तक सूर्य की नीली किरणें उनके ललाट पर पड़ती रही हैं। इस आलौकिक दृश्य को साकार करने के लिए बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने खास उपकरणों का इस्तेमाल किया था। इसका परीक्षण 24 मार्च को ही पूरा हो गया था। रामनवमी के इस खास मौके पर भगवान को पीले रंग के वस्त्र पहनाए गए। जन्मोत्सव के समय गृभग्रह में 14 खास पुजारी मौजूद भी रहे। सूर्य देव की किरणों को दर्पण और लैस के जरिए परिवर्तित कर सीधे रामलीला के मस्तक पहुंचाया गया।

पीएम मोदी ने किए दर्शन

पीएम मोदी ने भी रामलला के दर्शन भी किए हैं। रामनवमी के मौके पर उन्होंने भगवान राम की पूजा-अर्चना की ओर राम मंदिर में सूर्य तिलक अनुष्ठान देखा। पीएमओ की ओर से एक तस्वीर जारी की गई है। इसमें प्रधानमंत्री लाइव टीवी पर राम मंदिर में हो रहे अनुष्ठान देखा। पीएमओ की ओर से एक तस्वीर जारी की गई है। इसमें प्रधानमंत्री लाइव टीवी पर राम मंदिर में हो रहे अनुष्ठान को देख रहे हैं।

सीएम योगी ने दिया उपदेश

इस मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यवंशी शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम सूर्य तिलकर आस्था, आत्मगौरव और अध्यातक का आलोक है। यह तिलक सनातन संस्कृति की शाशवत चेतना को जागृत करता हुआ। भारत के जन- जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प सूर्य प्रज्वलित कर रहा है। यह भारत को उसकी मूल आत्मा के साथ दोबारा जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के दिव्य सूर्य तिलक का आलोक विकसित भारत आत्मनिर्भर भारत के संकल्पों को दिशा दे रहा है क्योंकि जहां राम है वहीं राह और वहीं भारत उजाला बनकर जगमगाता है। बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने सूर्य की गति का गहन अध्ययन कर ये खास उपकरण तैयार किया गया है। ट्रस्ट के अनुसार, इन उपकरणों की डिजाइन ऐसी है कि अगले 19 सालों तक सूर्य की गति में होने वाले बदलावों के बाद भी किसी छेड़छाड़ की जरुरत नहीं होगी। दोपहर 12 बजे जैसे सूर्य की किरणें मंदिर के ऊपरी हिस्से से टकरा गई। इसके बाद वो परिवर्तित होकर सीधे रामलला के ललाट पर तिलक के स्वरुप में उभर कर आई। इस पूरे नजारे को कैद करने के लिए मंदिर परिसर में 6 खास कैमरे लगाए गए थे। इसके अलावा दूरदर्शन समेत सोशल मीडिया पर इसका सीधा प्रसारण कर दिया गया। रामनवमी के मौके पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन के समय में विस्तार किया गया है। श्रद्धालु सुबह 5 बजे से लेकर 11 बजे तक रामलला के दर्शन कर पाएंगे।

सूर्य तिलक के बाद हुआ खास अनुष्ठान

सूर्य तिलक के बाद खास अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा और गरिमा बनाए रखने के लिए तिलक से आधा घंटे पहले और आधा घंटे के बाद तक वीआईपी पास के जरिए प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। आरती पास धारकों के लिए ट्रस्ट ने एक अलग लाइन की व्यवस्था की है। आम दिनों में दर्शन का समय सुबह 6:30 से रात 9:30 बजे तक रहता है लेकिन आज यह उत्सव देर रात तक चलेगा।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *