खाड़ी देशों के प्रति आभार किया व्यक्त प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वहां रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों को हर संभव सहायता दी जा रही है। उन्होंने इन देशों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना एक सकारात्मक संकेत है। सरकार की कोशिश: पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति न हो प्रभावित बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच संभावित ईंधन संकट पर भी प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि भारत के पास पर्याप्त तैयारी है। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरी कदम उठा रही है ताकि देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित न हो। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकजुटता, संयम और सतर्कता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीय मिलकर इस वैश्विक चुनौती का मजबूती से सामना करेंगे और देश को सुरक्षित तथा स्थिर बनाए रखेंगे। अफवाहों से दूर रहने की अपील पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए विशेष रूप से अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो देशहित में नहीं है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।“These certainly are challenging times.
Today, through #MannKiBaat, I would once again urge all my countrymen that we must unitedly overcome this challenge. Those who are politicizing even this issue should refrain from doing so.” – PM @narendramodi.@PMOIndia @MEAIndia… pic.twitter.com/gmehAsbOaG — Mann Ki Baat Updates मन की बात अपडेट्स (@mannkibaat) March 29, 2026
Mann Ki Baat में वैश्विक संकट पर बोले PM Modi, कहा- ‘देश में पेट्रोल-डीजल की कमी…’

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 132वें एपिसोड में दुनिया भर में बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और उथल-पुथल से भरा रहा है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल के बीच जारी तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक महीने से क्षेत्र में गंभीर संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्ट्रेट ऑफ होरमज़ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बाधा आने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी के बाद तेजी से विकास की उम्मीदों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया को अब भी शांति और स्थिरता की आवश्यकता है, लेकिन लगातार बढ़ते संघर्ष इन उम्मीदों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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