रात 8 बजे के बाद टिप्परों पर रोक जारी, अवैध खनन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: राजीव कालिया

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ऊना /सुशील पंडित : जिला ऊना में अवैध खनन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। एक अनौपचारिक वार्ता में जिला खनन अधिकारी राजीव कालिया ने स्पष्ट कहा कि “किसी भी सूरत में अवैध खनन स्वीकार नहीं किया जाएगा।” उन्होंने दोहराया कि खनन से जुड़े सभी कार्य केवल सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत ही किए जा सकते हैं। राजीव कालिया ने बताया कि जिला में अवैध खनन की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है और संबंधित विभागों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। जहां भी अवैध खनन की सूचना मिलती है, वहां तुरंत टीम भेजकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि नियमों के विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन केवल उन्हीं स्थानों पर और उन्हीं व्यक्तियों द्वारा किया जा सकता है, जिन्हें विधिवत अनुमति प्राप्त है। यदि कोई व्यक्ति या ठेकेदार नियमों का उल्लंघन करते हुए खनन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ जुर्माना, वाहन जब्ती और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। टिप्परों की आवाजाही को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राजीव कालिया के अनुसार, रात 8 बजे के बाद जिला की सड़कों पर टिप्परों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी, जबकि सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक ही इन्हें चलाने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आम लोगों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और अवैध खनन पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय के बाद यदि कोई टिप्पर सड़कों पर चलता पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित वाहन को जब्त करने के साथ-साथ चालक और मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राजीव कालिया ने कहा कि सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सरकारी खजाने को भी भारी क्षति पहुंचाता है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अंत में उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी अवैध खनन की गतिविधि नजर आए, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ऐसे मामलों में पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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