बुजुर्ग के साथ हुई Cyber ठगी, खुलवाया फर्जी खाता, 27 दिनों तक किया Digital Arrest

Written by

in

नई दिल्ली: लखनऊ के जानकीपुरम सेक्टर-जी के रहने वाले 85 साल बदरुद्दीन अंसारी के साथ साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। जालसाजों ने 7 मार्च को पुलिस अधिकारी बनकर उन्हें कॉल किया। पुणे के एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनका नाम होने का डर दिखाया है। ठगों ने गिरफ्तारी का डर दिखाकर बुजुर्ग को 27 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान डरा-धमकाकर पीड़ित से 11 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 84 लाख 50 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए हैं। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

ठगों ने खोला फर्जी खाता

ठगों ने खुद को लखनऊ हेडक्वार्टर का सीनियर इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार मिश्रा बताकर लोगों से संपर्क किया था। उन्होंने दावा किया है कि बदरुद्दीन के नाम पर एचडीएफसी बैंक में फर्जी खाता खोलकर अवैध लेनदेन हुआ है। इसके बाद व्हाट्सऐप और सिग्नल ऐप और एनआईए, सुप्रीम कोर्ट और आरबीआई के फर्जी दस्तावेज भेजे गए। खुद को एटीएस अधिकारी बताने वाले बाकी आरोपियों ने भी बुजुर्ग पर मानसिक दबाव बनाए रखा जिससे डरकर उन्होंने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी ठगों के हवाले कर दी है।

पुलिस ने शुरु की जांच

भारी नुकसान और मानसिक तौर पर प्रताड़ित होने के बाद 21 दिन के बाद साइबर थाना पहुंचे हैं। साइबर थाना प्रभारी बृजेश यादव के अनुसार, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ठगों के खातों में मौजूद 27 लाख रुपये फ्रीज करवा दिए हैं। बाकी बचे पैसे का पता लगाने के लिए बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस अब उन नंबरों और खातों को ट्रेस कर रही है जिनके जरिए इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *