Jalandhar Bypass Chowk में चालान को लेकर ASI पर लगे पैसे लेने के आरोप, जूस वाले के QR कोड से करवाए ट्रांसफर, देखें वीडियो

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लुधियानाः महानगर में ट्रैफिक पुलिस लोगों को नियमों का पाठ पढ़ाने की जगह रिश्वत ले रही है। ऐसे में हम नहीं लोग लगा रहे है। ताजा मामला जालंधर बाईपास चौक से सामने आया है। जहां ऑन-ड्यूटी ट्रैफिक पुलिसकर्मी की रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें ट्रैफिक एएसआई वाहन ड्राइवर को चालान का डर दिखाकर खुलेआम सौदेबाजी करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रिश्वत की रकम कैश में नहीं, बल्कि पास के एक दुकानदार के QR कोड के जरिए ट्रांसफर करवाई गई, ताकि सीधे लेन-देन का कोई सबूत न रहे। चाय की चुस्कियों के बीच हुई इस डील में पहले ₹500 की मांग की गई, लेकिन बाद में मामला ₹300 में तय हो गया।

पुलिसकर्मी के इशारे पर रेहड़ी वाला अपना अकाउंट चेक करता है और पैसे ट्रांसफर होने की पुष्टि खुद दुकानदार करता है। हालांकि अभी इसक मामले में पुलिस की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। वीडियो की शुरुआत जालंधर बाईपास चौक से होती है। यहां नीली पगड़ी पहने एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़क किनारे खड़ा दिखाई देता है। वह एक वाहन ड्राइवर को रोकता है और कार्रवाई का डर दिखाता है। घबराया ड्राइवर तुरंत पैसे देकर मामला खत्म करने के लिए तैयार हो जाता है। इसके बाद ड्राइवर पास के एक रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदार के पास जाकर कहता है कि इस स्कैनर पर ₹500 डालने हैं।

दुकानदार के खाते में तकनीकी दिक्कत आने के कारण वह पहले पैसे लेने से हिचकिचाता है। इसी बीच ड्राइवर दोबारा एएसआई के पास जाता है और कहता है- बापू पूरा ₹500 मंगा लिया है, अब मिस नहीं होगा। इस पर चाय का कप हाथ में पकड़े पुलिसकर्मी कहता है- ₹300 डाल दे, ओके। इसके बाद ड्राइवर राहत की सांस लेते हुए थैंक यू जी कहता है। वीडियो में आगे दिखता है कि पुलिसकर्मी के कहने पर रेहड़ी वाला अपना अकाउंट चेक करता है। काफी कोशिश के बाद जब दुकानदार का गूगल-पे खुलता है, तो वाहन ड्राइवर, जिसका नाम नवदीप सिंह बताया जा रहा है, अपने मोबाइल से दुकानदार शिव प्रताप रामपाल यादव के खाते में ₹300 ऑनलाइन ट्रांसफर कर देता है। पैसे ट्रांसफर होने की पुष्टि खुद दुकानदार करता है। वीडियो सामने आने के बाद ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

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