Women Safety Wing ने Spa Centre में दी दबिश, पुलिस को देखकर किचन में छिपी लड़कियां, देखें वीडियो

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ग्वालियरः शहर के स्नूकर क्लबों के बाद अब पुलिस के विमेन सेफ्टी विंग ने स्पा सेंटरों के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया है। बीती रात पुलिस की विशेष टीमों ने शहर के नामी स्पा सेंटरों पर अचानक दबिश दी। इस औचक कार्रवाई से स्पा सेंटरों में हड़कंप मच गया। एक सेंटर में तो पुलिस को देखते ही वहां काम करने वाली युवतियां डर के मारे सीधे किचन में जाकर छिप गईं, जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों ने बाहर निकाला। जांच में स्पा सेंटरों के रिकॉर्ड और ग्राहकों के एंट्री रजिस्टर अधूरे पाए गए, जिस पर पुलिस ने संचालकों को जमकर फटकार लगाई है।

एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल के निर्देशन में महिला सुरक्षा सेल की टीमों को शहर के स्पा सेंटरों की औचक चेकिंग के लिए मैदान में उतारा गया था। पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि स्पा और थेरेपी की आड़ में शहर के कुछ हिस्सों में अनैतिक देह व्यापार और संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी की तस्दीक के लिए रविवार रात डीएसपी शिखा सोनी, डीएसपी अन्नपूर्णा सिरसाम और महिला इंस्पेक्टर दीप्ति तोमर भारी पुलिस बल और महिला आरक्षकों के साथ अचानक ‘द बीच स्पा सेंटर’ और ‘द हीलिंग स्पा सेंटर पर छापेमारी करने पहुंचीं, जैसे ही पुलिस की गाड़ियों ने स्पा सेंटरों के बाहर यू-टर्न लिया, अंदर मौजूद स्टाफ और मैनेजरों के होश उड़ गए। चेकिंग के दौरान स्पा सेंटर में कार्यरत कई युवतियां खुद को बचाने के लिए भागकर किचन और स्टोर रूम के कोनों में जाकर छिप गईं।

महिला पुलिस अधिकारियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए किचन में छिपी सभी युवतियों को बाहर निकाला। शुरुआती पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने और उनकी संदिग्ध भूमिका को देखते हुए पुलिस टीम उन्हें अग्रिम पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले आई, जहां उनके पहचान पत्रों आईडी और रजामंदी की जांच की जा रही है जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं। स्पा सेंटर में आने-जाने वाले ग्राहकों का पूरा नाम, मोबाइल नंबर और आईडी कार्ड का रिकॉर्ड सही तरीके से मेंटेन नहीं किया गया था। कैमरों के एंगल और फुटेज के स्टोरेज की भी जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अंदर क्या गतिविधियां चल रही हैं।

पुलिस ने दोनों स्पा सेंटरों के मालिकों और मैनेजरों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि स्पा सेंटर केवल निर्धारित व्यावसायिक थेरेपी के लिए हैं। यदि इसके पीछे किसी भी प्रकार का अनैतिक कृत्य या संदिग्ध गतिविधि पाई गई, तो बिना किसी रियायत के सीधे सेंटर को सील कर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।

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