अवैध कब्जों पर प्रशासन का एक्शन, 2 हजार लोगों को नोटिस, अपने मुख्यालय से HSVP की कार्रवाई शुरू, देखें वीडियो

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पंचकूलाः शहर में ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। ऐसे में अब पूरे शहर में अतिक्रमण पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का बडा एक्शन होगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के द्वारा शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए ड्राइव चलाई जाएगी। दरअसल, हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में शहरभर में प्रस्तावित तोड़फोड़ अभियान से पहले HSVP ने अपने ही मुख्यालय परिसर के बाहर किए गए अवैध अतिक्रमण को जेसीबी से हटाकर स्पष्ट संदेश दिया है कि कार्रवाई में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

आज HSVP अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यालय के बाहर ग्रीन बेल्ट पर की गई अवैध बाउंड्री वॉल और फेंसिंग को ध्वस्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि शहर में ग्रीन बेल्ट, पार्कों और सार्वजनिक भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित किया जा चुका है और अब चरणबद्ध तरीके से इन्हें हटाया जाएगा। HSVP द्वारा अब तक शहर के छह सेक्टरों में नोटिस देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विभाग की ओर से करीब 2 हजार लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नोटिस में कब्जाधारकों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया है।

निर्धारित समय सीमा के बाद विभाग बुलडोजर कार्रवाई करेगा और पूरा खर्च भी संबंधित कब्जाधारकों से वसूला जा सकता है। अतिक्रमण हटाने के लिए HSVP ने अधिकारियों और कर्मचारियों की लगभग 70 सदस्यीय टीम गठित की है। इस टीम में इंजीनियरिंग, एस्टेट, प्रवर्तन और अन्य शाखाओं के अधिकारी शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस बल की भी मदद ली जाएगी ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक भूमि पर बढ़ते अवैध कब्जों को लेकर दायर मामलों के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा है।

इसी के चलते HSVP ने शहरभर में सर्वे कर कब्जों की सूची तैयार की है। कई स्थानों पर लोगों ने ग्रीन बेल्ट को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल करते हुए बाउंड्री वॉल, लोहे की ग्रिल, फेंसिंग और अन्य निर्माण कर रखे हैं। HSVP अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सबसे पहले अपने मुख्यालय के बाहर मौजूद अवैध निर्माण हटाया है। इससे यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि सरकारी परिसर हो या निजी क्षेत्र, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समान रूप से कार्रवाई होगी।

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