UNSC में अफगानिस्तान के हालात पर हुई चर्चा, भारत के प्रतिनिधि ने पाकिस्तान पर लगाया आरोप

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नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएनएससी में अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा हुई है। चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान को जमकर घेरा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए अफगानिस्तान में घुसकर किए गए उसके हमले को नरसंहार करार दिया है। भारत के प्रतिनिधि ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि उसने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में घुसकर हमले किए जिसमें आम नागरिक मारे गए हैं। पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर आम नागरिकों की हत्या कर रहा है। यूएनएससी में भारत के प्रतिनिधि ने इसे पाखंड का सबसे बड़ा उदाहरण बताया और कहा कि नरसंहार करने वाला उसे सैन्य कार्रवाई का नाम दे दे तो ऐसा करने वाला उस पाप से मुक्त नहीं जाता है।

यूएनएससी में भारत के प्रतिनिधि ने अफगानिस्तान

यूएनएससी में भारत के प्रतिनिधि ने अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन के आंकड़ों का हवाला देेते हुए कहा कि साल 2026 के शुरुआत तीन महीनों में ही 372 आम नागरिक वहां मार जा चुके हैं। अधिकतर लोग रमजान के पाक महीने में मारे गए थे। उन्होंने अफगानिस्तान के लैंडलॉक देश होने का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि पाकिस्तान उसके व्यापार मार्गों में भी बाधाएं डाल रहा है। पी हरीश ने यूएनएससी ने कहा कि अफगानिस्तान के सामान पर प्रतिबंध लगाकर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन किया है। उन्होंने भारत की ओर से अफगानिस्तान की मदद के लिए उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया है और कहा कि साल 2021 के बाद 50 हजार टन गेंहू, 420 टन दवाएं और वैक्सीन, 40 हजार लीटर कीटनाशक वहां भेजे जा चुके हैं। यूएनएससी में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि इस साल अप्रैल महीने में भी बाढ़ राहत के लिए जरुरी सामान और वैक्सीन की खेप काबुल भेजी गई थी। नई दिल्ली ने मानवीय सहायता के साथ ही अफगानिस्तान में सभी 34 प्रदेश के विकास के लिए भी बहुत मदद दी है। अफगानिस्तान में भारत की करीबन 500 से ज्यादा परियोजनाएं चल रही है। पक्तिका, पक्तिया और खोस्त में मैटरनिटी क्लीनिक का निर्माण भारत ने कराया है।        

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