स्वदेशी, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता ही भारत के उज्ज्वल भविष्य का आधार

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ऊना सुशील पंडित : कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के त्रिप्रांतीय संगठक विनय शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वदेशी विचार को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक अवधारणा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, स्वावलंबन और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा एक व्यापक आंदोलन है। उन्होंने युवाओं से भारतीय उत्पादों, भारतीय उद्यमिता और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
 शर्मा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लेगा। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्वदेशी की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक सत्यदेव शर्मा सहोड़ ने संगठन की गतिविधियों, अभियानों एवं आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि स्वदेशी जागरण मंच समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर राष्ट्रहित में जनजागरण का कार्य कर रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों से स्वदेशी अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में जवाहर नवोदय विद्यालय पेखुबेला के प्राचार्य राज कुमार सिंह, ट्रिपल आईटी सलोह के प्राध्यापक अंकुश ठाकुर, जतिंद्र सैनी, अमृत लाल भारद्वाज, नरिंदर ठाकुर, यशपाल ठाकुर, तेज प्रकाश ठाकुर, रमन सहोड़, विजय कुमार, के.एल. पुरी सहित महिला मंडल बहडाला की महिलाओं ने भी भाग लिया।
विचार वर्ग के दौरान स्वदेशी, उद्यमिता, सहकारिता, आत्मनिर्भर भारत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा भारतीय जीवन मूल्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित में स्वदेशी विचारधारा को और अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।इसे समाचार पत्रों में प्रकाशित होने योग्य शैली में तैयार किया गया है, जिसमें शीर्षक, लीड और समाचार भाषा का विशेष ध्यान रखा गया है।
 

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