मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के नए कार्यालय का शुभारम्भ किया

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज प्रदेश सचिवालय से वर्चुअल माध्यम से धर्मशाला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के नए कार्यालय का शुभारम्भ किया। यह कार्यालय कुछ समय पहले ही शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले के लोगों को इस नई सुविधा के लिए बधाई देते हुए कहा कि कांगड़ा तथा आसपास के जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग की बड़ी आबादी निवास करती है। आयोग का कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित होने से लोगों को अब अपने कार्य के लिए शिमला नहीं आना पड़ेगा, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी तथा आयोग की सेवाएं शीघ्रता और सरलतापूर्वक मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्त कांगड़ा को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) का कार्यालय भी शीघ्र खोलने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिले को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया है और इसी दिशा में कई सरकारी कार्यालयों को कांगड़ा स्थानांतरित किया जा रहा है। आने वाले समय में भी अन्य सरकारी कार्यालयों को कांगड़ा जिले में स्थानांतरित करने की योजना है। राज्य सरकार शिमला जिले के डोडरा क्वार क्षेत्र को अन्य पिछड़ा वर्ग का दर्जा तथा कांगड़ा जिले के बड़ा भंगाल क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलवाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।

इससे पूर्व, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष प्रभात चौधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और आयोग का कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कांगड़ा तथा आसपास के जिलों के ओबीसी समुदाय के लोगों को आयोग की सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार, विधायक सुरेश कुमार, विनोद सुल्तानपुरी एवं सुदर्शन बबलू तथा पूर्व विधायक सतपाल रायजादा शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे, जबकि आयोग के सदस्य राकेश चौधरी, अधिवक्ता कश्मीर सिंह भारती एवं राजीव राणा तथा उपायुक्त हेमराज बैरवा धर्मशाला से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *