सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने 7 लाख की सुपारी देकर कार से मां को कुचलवाया, 7 गिरफ्तार

Written by

in

जयपुरः जयपुर में प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी के लिए एक बेटी अपनी मां को साजिश के तहत इस हद तक जा सकती है, ये किसी ने सोचा नहीं होगा। आपको बता दें इस साजिश में अकेली बेटी नहीं बल्कि ताऊ और चचेरे भाई भी साथ थे। आरोपियों ने मिलकर सुपारी देकर मां को गाड़ी की टक्कर से मरवा दिया है।

घटना 3 जुलाई को शाम करीब 4:45 बजे की प्रताप नगर थाना इलाके की है, जिसकी सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रही है। DCP रंजीता शर्मा ने बताया कि प्रताप नगर के रविन्द्र नगर में रहने वाली नीरज शर्मा (45) के पति का एक साल पहले निधन हो गया था। वे कोर्ट में एलडीसी थे। 8 महीने पहले पति की जगह नीरज की LDC की पोस्ट पर नौकरी लगी थी। नीरज 16 साल के बेटे के साथ रहती थी।

3 जुलाई को शाम करीब 4:45 बजे वह बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थी। इस दौरान ओवर स्पीड स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने से महिला उछलकर 100 फीट दूर गिरी, जिसने उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया था।

राकेश ने रिपोर्ट में बताया कि भांजी आयुषी ने मुझे कॉल कर कहा था कि ‘मामा, मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है। मम्मी एक्सीडेंट में खत्म हो गई है।’ ऐसा कहकर उसने तुरंत कॉल काट दिया। मेरी बहन नीरज पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रही थी। नीरज ने पहले बताया भी था कि बेटी आयुषी, सास, जेठ का बेटा बलराम उर्फ रवि मिलकर परेशान करते हैं। मेरी प्रॉपर्टी हड़पने के लिए कई बार जान से मारने की धमकी दे चुके हैं। मुझे शक है कि मेरी बहन की गाड़ी से कुचलकर हत्या करवाई गई है।

रंजीता शर्मा ने बताया कि पिछले दो-तीन साल से नीरज का बेटी आयुषी से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। आयुषी पिता की जगह नौकरी लगना चाहती थी, लेकिन मां ने नौकरी जॉइन कर ली। ऐसे में बेटी का मां की हत्या कर नौकरी पाने का प्लान था।

आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप (56) निवासी सेवर (भरतपुर) के साथ मिलकर मर्डर की प्लानिंग की थी। इसमें नीरज के ससुराल वाले भी शामिल थे। आयुषी और मोहन ने 7 लाख रुपए में हत्या की सुपारी दी थी। आयुषी, मोहन और उसके बेटे बलराम उर्फ रवि ने सुपारी किलर हेमंत शर्मा (20) निवासी बयाना (भरतपुर) को घर बुलाया था। उसे कहा- ‘आपको नीरज शर्मा की हत्या करनी है, जिसके बदले हम आपको 7 लाख रुपए देंगे।’

सुपारी लेने के बाद हेमंत ने बलराम की मदद से रेकी की। भरतपुर से एक थार रेंट पर ली। पैसा लेने के बाद भी काम नहीं हो सका, जिसके बाद एक महीने तक दोबारा रेकी कर स्कॉर्पियो से वारदात को अंजाम दिया।

हेड कॉन्स्टेबल दयाराम ने स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। सामने आया कि हत्या के समय आकाश शर्मा (23) निवासी रूपवास (भरतपुर) स्कॉर्पियो चला रहा था। उसके पास वाली सीट पर अरविंद शर्मा (21) निवासी गहनोली मोड़ (भरतपुर) बैठा था। मोहित शर्मा (21) निवासी गहनोली मोड़ (भरतपुर) के जरिए महिला के आने-जाने के बारे में लगातार सूचना दी जा रही थी।

पूछताछ में आरोपी बेटी आयुषी ने बताया कि मेरे पापा विजय कुमार शर्मा की मौत के बाद मैंने मां नीरज को कहा था कि मुझे पापा की जगह नौकरी लग जाने दो। लेकिन वह नहीं मानी और खुद नौकरी पर लग गई।

इस वजह से मैं टेंशन में आ गई। मैंने ताऊ के बेटे बलराम के साथ मिलकर मां को रास्ते से हटाकर उनकी जगह नौकरी लगने और उनके नाम की प्रॉपर्टी को हड़पने की प्लानिंग की। इसमें ताऊ मोहन स्वरूप भी शामिल थे। हत्या के मामले में आयुषी, मोहन स्वरूप, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव को अरेस्ट किया है। बलराम उर्फ रवि फरार है।

 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *