Punjab News: मानवाधिकार आयोग के सदस्य ने पुलिस स्टेशन में खराब सुविधाओं पर जताई आपित्त, मांगी रिपोर्ट, देखें वीडियो

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अमृतसरः पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग और चंडीगढ़ (UT) मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शांति ने अमृतसर दौरे के दौरान सुल्तानविंड पुलिस स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस स्टेशन की इमारत, जेल, रिकॉर्ड, कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और पुलिस स्टेशन की समग्र व्यवस्था का जायजा लिया।

जतिंदर सिंह शांति ने कहा कि मानवाधिकार आयोग समय-समय पर पुलिस स्टेशनों, अस्पतालों, जेलों और नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण करता है। उन्होंने कहा कि जालंधर की बैठक के बाद जब वे अमृतसर पहुंचे, तो सुल्तानविंड पुलिस स्टेशन की हालत देखकर उन्हें हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि इतने बड़े और महत्वपूर्ण इलाके में महिलाओं के लिए अलग जेल नहीं है, आगंतुकों के लिए वॉशरूम की कोई व्यवस्था नहीं है और कर्मचारियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने कहा कि जब यहां महिला कर्मचारी भी ड्यूटी पर होती हैं, तो उनके लिए उचित सुविधाएं होना बहुत जरूरी है।

आयोग के सदस्य ने पुलिस स्टेशन प्रबंधन से 15 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने और इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है। उन्होंने कहा कि यदि नई इमारत या अन्य सुविधाओं के लिए प्रशासन को कोई मांग भेजी गई है, तो उसकी एक प्रति आयोग को भी भेजी जानी चाहिए ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति जेल में बंद पाया गया, जिसके दस्तावेजों की जांच की गई। जतिंदर सिंह शांति ने कहा कि NDPS एक्ट के मामले में उसकी पुलिस रिमांड कानूनी रूप से वैध पाई गई। इसके अलावा पूछताछ के लिए दो अन्य युवकों को लाया गया था, जिनकी जांच चल रही है।

उन्होंने पुलिस स्टेशन में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पुलिस स्टेशन आने वाले लोगों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए और पुलिस कर्मियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी में बैठना चाहिए ताकि पुलिस स्टेशन का अनुशासन और सम्मान बना रहे। जतिंदर सिंह शांति ने पुलिस स्टेशन के पीछे लंबे समय से खड़ी ज़ब्त की सैकड़ों मोटरसाइकिलों पर भी आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ऐसे वाहनों का समय पर निपटारा किया जाना चाहिए और पुलिस स्टेशनों को कबाड़खाना नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में पुलिस स्टेशन प्रबंधन को ज़रूरी निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस स्टेशन को बुनियादी सुविधाएं न मिलने का कारण प्रशासनिक लापरवाही है, तो मानवाधिकार आयोग भी इस मामले को गंभीरता से लेगा और संबंधित अधिकारियों से लिखित में कार्रवाई करने को कहेगा।

 

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