गुरनाम सिंह चढ़ूनी को पुलिस ने लिया हिरासत में, किसानों का प्रदर्शन, किया टोल जाम, देखें वीडियो

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कुरुक्षेत्र: हरियाणा में किसानों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। दरअसल, कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को पुलिस ने नेशनल हाईवे-152D पर नाकेबंदी कर हिरासत में ले लिया गया। चढ़ूनी अपने समर्थकों के साथ 21 जुलाई को दिल्ली में होने वाले राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन की तैयारियों के सिलसिले में करनाल के घरौंडा की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिसिया तंत्र ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। हालांकि, रणनीतिक तौर पर पुलिस के आला अधिकारी इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं और आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी या डिटेन करने की बात से साफ इनकार कर रहे हैं। ऐसे में किसानों ने चढ़ूनी को रिहा करने के लिए यमुनानगर टोल प्लाजा के बाहर धरना लगा दिया है और टोल को जाम कर दिया है।

दरअसल, देश के तमाम बड़े किसान संगठन केंद्र सरकार की भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। किसानों का मानना है कि इस सौदे से देश की कृषि व्यवस्था और घरेलू बाजार पर बुरा असर पड़ेगा। इसी रणनीति के तहत 15 जुलाई को जिला स्तर पर बड़ी बाइक रैलियां निकालकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपे गए थे। खुद गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने ऐलान किया था कि 21 जुलाई को केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और राजस्थान समेत देश के कोने-कोने से किसान संगठन दिल्ली के राजघाट और किसान घाट पर शांतिपूर्ण तरीके से डेरा डालेंगे। लेकिन इस बड़े जमावड़े से महज 24 घंटे पहले हुई इस पुलिसिया कार्रवाई ने आंदोलन की दिशा बदल दी है।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनके आधिकारिक फेसबुक पेज से एक वीडियो संदेश जारी किया गया। इस वीडियो में चढ़ूनी के बेटे ने दावा किया कि पुलिस ने न सिर्फ उनके पिता बल्कि संगठन के मुख्य प्रवक्ता राकेश बैंस समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को अलग-अलग थानों में नजरबंद कर दिया है। वीडियो के जरिए संगठन के तमाम कार्यकर्ताओं तक चढ़ूनी का आखिरी संदेश पहुंचाया गया, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के किसान दोपहर 2 बजे अपने-अपने क्षेत्रों के सभी टोल प्लाजा को पूरी तरह जाम कर दें।

फेसबुक वीडियो में विशेष रूप से शाहाबाद और अंबाला के किसानों से अपील की गई है कि वे बिना वक्त गंवाए भारी से भारी तादाद में शंभू बॉर्डर की तरफ कूच करें, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। सूत्रों की मानें तो शंभू बॉर्डर पर किसानों की हलचल अचानक तेज हो गई है। आज चढ़ूनी घरौंडा में किसानों के बीच अंतिम दौर के प्रचार के लिए जा रहे थे, जहां से सभी संगठनों को एकजुट होकर दिल्ली की सीमा में प्रवेश करना था। किसान नेताओं का साफ कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहने वाला था, लेकिन सरकार ने पहले कार्रवाई करके खुद टकराव की स्थिति पैदा कर दी है।

 

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