राज्य अप्रेंटिसशिप काउंसिल की बैठक में युवाओं के प्रशिक्षण एवं रोज़गार के अवसरों पर चर्चा

शिमला: हिमाचल प्रदेश में युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं रोज़गार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य अप्रेंटिसशिप काउंसिल की बैठक राज्य सचिवालय में आयोजित की गई। इस दौरान प्रशिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी, व्यापक एवं उद्योगोन्मुख बनाने तथा युवाओं के लिए प्रशिक्षण एवं रोज़गार के अवसरों का विस्तार करने संबंधी विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव एवं राज्य अप्रेंटिसशिप काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अप्रेंटिसशिप के अवसरों और प्रशिक्षुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाए।युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ने के लिए राज्य में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, उद्योगों और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

उन्होंने निजी उद्योगों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा अधिकाधिक प्रतिष्ठानों को राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर पंजीकृत करने पर विशेष बल दिया ताकि युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण एवं रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने के लिए जुलाई, 2026 तक 156 अप्रेंटिसशिप मेलों का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक माह नियमित रूप से अप्रेंटिसशिप मेलों का आयोजन किया जा रहा है। परिषद् ने उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों, विशेषकर सरकारी विभागों एवं सार्वजनिक उपक्रमों की भागीदारी बढ़ाने तथा उन्हें राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर पंजीकरण कर अधिकाधिक अप्रेंटिसशिप अवसर सृजित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया।

बैठक में यह भी अवगत करवाया गया कि वर्तमान में तकनीकी शिक्षा विभाग के विभिन्न संस्थानों में 98 प्रशिक्षु अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। परिषद ने भविष्य में आवश्यकता एवं उपलब्ध अवसरों के अनुरूप अधिक से अधिक युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ने और कार्यक्रम का विस्तार करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, सरकारी विभागों में कार्यरत अप्रेंटिसों को स्टाइपेंड के भुगतान के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करने तथा अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी चर्चा की गई।

इस बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित राज्य अप्रेंटिसशिप काउंसिल के सदस्य उपस्थित थे। बैठक में प्रदेश में अप्रेंटिसशिप को कौशल विकास एवं रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनाते हुए अधिकाधिक युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों द्वारा समन्वित प्रयास किए जाने पर बल दिया।

 

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