अभिषेक जैन ने जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया

शिमला: ‘जल संचय जन भागीदारीः कैच द रेन-2026’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आज यहां राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त, सह-जिला नोडल अधिकारी, जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान सचिव (जल शक्ति) एवं अभियान के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों, युवा क्लबों, गैर-सरकारी संगठनों तथा अन्य सामुदायिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर अभियान को वास्तविक अर्थ में जन भागीदारी का अभियान बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान को वीबी-जी राम जी, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, अमृत, कैम्पा, स्वच्छ भारत मिशन तथा राज्य एवं केंद्र प्रायोजित अन्य योजनाओं के साथ प्रभावी अभिसरण के माध्यम से लागू किया जाए ताकि जल संरक्षण गतिविधियों का अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

प्रधान सचिव ने कहा कि मौजूदा जल संरक्षण परिसंपत्तियों के संरक्षण, पुनर्स्थापन, पुनर्वास और अधिकतम उपयोग को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पारंपरिक जल संरक्षण संरचनाओं जैसे बावड़ियों, खात्रियों, कुहलों, पोखरों तथा अन्य स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर बल दिया। उन्होंने ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण स्तर पर आवश्यकता आधारित लघु जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण कार्यों की पहचान कर उन्हें शीघ्र क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी कार्यों का समुचित दस्तावेजीकरण, जियो-टैगिंग तथा निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध अपलोड सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया ताकि पारदर्शी निगरानी एवं प्रभावी रिपोर्टिंग हो सके।

दीर्घकालिक योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. अभिषेक जैन ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में वीबी-जी राम जी के अंतर्गत जल संरक्षण कार्यों की एक समर्पित शेल्फ तैयार की जाए, जिससे वर्षा जल संग्रहण एवं भूजल पुनर्भरण गतिविधियों को वार्षिक विकास योजनाओं का स्थायी हिस्सा बनाया जा सके। बैठक में 4 जुलाई से 4 अगस्त, 2026 तक चलाए जा रहे विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। इसमें जिला-वार कार्यान्वयन, विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं के साथ अभिसरण, प्रदेशभर में संचालित गतिविधियों तथा जियो-टैगिंग एवं जल संचयः जन भागिदारी पोर्टल पर कार्यों की अपलोडिंग की स्थिति की समीक्षा की गई।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा निर्धारित जिला-वार लक्ष्यों तथा उनके विरुद्ध अब तक प्राप्त प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जल संरक्षण कार्यों के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इस दौरान निर्णय लिया गया कि जल शक्ति विभाग विभिन्न विभागों को वैज्ञानिक आधार पर जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण संरचनाओं की योजना एवं निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन तथा परामर्श उपलब्ध कराएगा।

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