ऊना, सुशील पंडित : वशिष्ट पब्लिक स्कूल, ऊना में विद्यार्थियों की भाषा दक्षता, आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न अंग्रेज़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कक्षा पहली से चौथी तक के विद्यार्थियों के लिए ‘इंग्लिश पोयम रेसिटेशन प्रतियोगिता’ तथा कक्षा पाँचवीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए ‘इंग्लिश एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता’ आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास एवं प्रभावशाली प्रस्तुति के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इंग्लिश पोयम रेसिटेशन प्रतियोगिता में स्ट्रॉबेरी ग्रुप के अंतर्गत कक्षा प्रथम से अर्षिता ने प्रथम, बबनीत कौर ने द्वितीय तथा दिवेश शर्मा एवं विराज मेनन ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा दूसरी से अभिधा रावल प्रथम, वान्या एवं मन्नत कुमावत संयुक्त रूप से द्वितीय तथा रूषांक कौशल एवं शानवी शर्मा संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। एप्पल ग्रुप (कक्षा तीसरी) में आदया गुप्ता प्रथम, दलराज रिहल द्वितीय तथा नित्या धीमान एवं अमाहिरा वशिष्ट संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा चौथी से प्रिशा शर्मा प्रथम, सक्षम शर्मा एवं काशवी ठाकुर संयुक्त रूप से द्वितीय तथा नैऋति शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं।
इंग्लिश एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता में ऑरेंज ग्रुप से देवांशी प्रथम, अलिसिया एवं काशवी भारद्वाज संयुक्त रूप से द्वितीय तथा धृति शर्मा एवं शिवांश कुमार कौशिक संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। मैंगो ग्रुप से सीरत कौर प्रथम, रणविजय सिंह कटवाल एवं पीहू शर्मा संयुक्त रूप से द्वितीय तथा ईशा शर्मा एवं दिव्यांशी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं। मेलन ग्रुप से कनन ठाकुर प्रथम, दिव्यम शर्मा द्वितीय तथा ईशान्वी एवं नंदिनी पुरी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।
विद्यालय के निदेशक अनुज वशिष्ट ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को मंच पर अपनी प्रतिभा, अभिव्यक्ति क्षमता एवं आत्मविश्वास प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं, जिससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपक कौशल ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों के उच्चारण, शब्दावली, व्याकरण तथा प्रभावी संप्रेषण कौशल को सुदृढ़ बनाती हैं। साथ ही वे अंग्रेज़ी भाषा की विभिन्न शैलियों एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को समझते हैं, जिससे उनकी भाषा पर पकड़ और अधिक मजबूत होती है।

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