आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को गोवा के कारापुर-श्रवण क्षेत्र में चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन में पहुंचकर अपना समर्थन जताया। ग्रामीण इलाके में प्रस्तावित एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट के विरोध में स्थानीय लोग लंबे समय से धरना दे रहे हैं। केजरीवाल के साथ पार्टी की गोवा प्रभारी आतिशी भी मौजूद रहीं।
धरना स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम नागरिकों और किसानों की चिंताओं को दरकिनार कर बिल्डर लॉबी के हितों को प्राथमिकता दे रही है। उनका कहना था कि स्थानीय लोग अपनी जमीन, खेती और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
धारा 39ए को लेकर उठाए सवाल
केजरीवाल ने कहा कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) एक्ट की धारा 39ए के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन की जो मंजूरियां दी गई हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में कई सवाल खड़े होते हैं और इसकी पारदर्शिता पर भी चर्चा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि गोवा में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो धारा 39ए की समीक्षा की जाएगी और इसके तहत मंजूर परियोजनाओं का दोबारा परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी विकास योजना को लागू करने से पहले स्थानीय ग्राम सभाओं और प्रभावित लोगों की सहमति ली जानी चाहिए।
पर्यावरण और कृषि पर असर की आशंका
आप प्रमुख ने कहा कि प्रस्तावित परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाना है, जिससे क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि गोवा की पहचान उसकी हरियाली, कृषि भूमि और प्राकृतिक सौंदर्य से है, जिसे संरक्षित रखना जरूरी है।
केजरीवाल ने दावा किया कि परियोजना के कारण स्थानीय किसानों और जमीन पर निर्भर परिवारों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
चुनाव से पहले बढ़ा सियासी माहौल
केजरीवाल ने लोगों से आगामी विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को मौका देने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर लोगों की राय के आधार पर विकास योजनाएं तैयार करेगी और भूमि संबंधी विवादों का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
इस मौके पर आतिशी ने कहा कि गोवा की प्राकृतिक धरोहर केवल राज्य की नहीं बल्कि पूरे देश की संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि भूमि के उपयोग में बदलाव से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी दिखाई देती है। उनके अनुसार, स्थानीय समुदायों की भागीदारी के बिना किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कारापुर-श्रवण के लोगों की लड़ाई केवल एक गांव की नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर ग्रामीणों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।